गौरटेक धान खरीदी केंद्र में डंडी मारने का चल रहा खेल

●दोबारा तौलाने पर अधिक धान तौलने का हुआ खुलासा
●कई छोटे किसान धान बेचने से हो जाएंगे वंचित
सरायपाली।नई सरकार आते ही किसानों को कई तरह की राहत एवं सुविधाएं दे रही है. लेकिन दूसरी ओर धान खरीदी केंद्रो में किसानों से प्रति क्विंटल लगभग 2 किलो धान डंडी मारने का खेल चल रहा है. इससे किसानों को प्रति क्विंटल 50 रूपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है. कुछ इसी तरह का नजारा आज धान खरीदी केंद्र गौरटेक में देखने को मिला. इसके अलावा वहां कई तरह की अनियमितताएं भी देखने को मिली, जैसे बिना मापदंड के तौल, स्टेग के नीचे लेयर नहीं लगाने के कारण विगत दिनों हुई बारिश से शासन को हजारों रूपयों का नुकसान उठाना पडेगा.

गौरटेक धान खरीदी केंद्र में आज धान तौल में प्रति क्विंटल डेढ़ से 2 किलो अधिक धान किसानों से लिया जा रहा था. किसानों को भी इसकी जानकारी नहीं थी. जब दोबारा तौल कराया गया तब इसका खुलासा हुआ. कुछ किसानों द्वारा अधिक मात्रा में धान तौलने का विरोध भी किया गया. इसके अलावा आज टोकन कटने का अंतिम दिवस था, लेकिन कई गांव के किसानों को इसकी जानकारी नहीं थी. जब वे टोकन कटवाने के लिए खरीदी केंद्र पहुंचे तब उन्हें पता चला कि आज धान खरीदी के लिए टोकन का अंतिम दिवस है. गौरटेक धान उपार्जन केंद्र अंतर्गत कुम्हारी, खुसरूपाली, कर्राभौना, परसकोल, संकरी, पितईपाली एवं गौरटेक आता है. जिसमें से केवल कुम्हारी एवं गौरटेक के किसान ही टोकन के लिए पहुंचे हुए थे. टोकन के लिए पहुंचे किसान भोलानाथ पटेल, लोकनाथ पटेल, कैलाश, लकेश्वर, धरमसाय, सुंदरमणी, घनश्याम नायक, वासुदेव नायक आदि ने बताया कि आज 8 जनवरी को कुम्हारी एवं गौरटेक का ही धान बेचने की पारी है, इसलिए दोनो गांव के ही किसान टोकन के लिए पहुंचे हुए हैं. अन्य 4 गांव के किसान फड़ पर नहीं दिखे. किसानों ने बताया कि अभी खेत में ही धान है, जिसकी कटाई भी नहीं हुई है. तो वही कु छ किसानों के धान की मिंजाई भी नहीं हुई है. बिना सत्यापन के उनके धान का टोकन किस आधार पर काटा जाएगा यह भी एक सोचनीय बात है. हर वर्ष खरीदी के अंतिम दिवस के सप्ताह भर पूर्व अंतिम टोकन काटा जाता था, लेकिन इस बार 22 दिन पूर्व टोकन काटा जा रहा है. कुछ किसानों ने टोकन का अंतिम दिवस की सूचना फड़ प्रभारी द्वारा किसानों को नहीं देने की बात कही. इससे दर्जनों किसान धान बेचने से वंचित हो जाएंगे.
सभी गांव के किसानों को टोकन की अंतिम दिवस की दी गई थी सूचना-प्रभारी
फड़ प्रभारी चुड़ामणी ने पूछे जाने पर बताया कि सभी गांव के किसानों को आज टोकन के अंतिम दिवस की सूचना दी गई थी. वहीं हमालों द्वारा अधिक धान तौल के बारे में पूछने पर कहा कि उनके द्वारा अधिक तौल करने के लिए नहीं कहा गया है. स्टेग के नीचे लेयर नहीं लगाने की बात पूछने पर कहा कि भूसी मंगवाया था लेकिन वह 1-2 स्टेग में ही भूसी खत्म हो गया. इसलिए अन्य स्टेग के नीचे लेयर नहीं लगाया गया था.



























