महासमुंद:ग्रामीण विकास को गति देने पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों को मिला मार्गदर्शन

महासमुंद। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज अभियान योजना अंतर्गत 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला पंचायत महासमुंद में शुक्रवार को एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में ग्राम पंचायतों में सहभागी एवं समावेशी विकास योजनाओं के निर्माण तथा उनके बेहतर क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी अधिकारियों को दी गई।
कार्यक्रम में जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वरिष्ठ करारोपण अधिकारी, संकाय सदस्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उपखंड अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी, मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा स्वच्छ भारत मिशन के कार्यक्रम प्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
प्रशिक्षण के दौरान उपसंचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीप्ति साहू, जिला समन्वयक श्री योगेश साहू तथा पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्री महेंद्र आर्या ने पंचायत विकास योजना की अवधारणा, ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया, 16वें वित्त आयोग के प्रावधानों तथा स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर योजनाओं के निर्माण की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि पंचायत विकास योजना ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों और जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों की प्राथमिकता तय कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर सकती हैं। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायतों को सशक्त बनाते हुए ग्रामीण विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाना रहा।































