सरायपाली

काव्य संसद में वर्चुअल विचार गोष्ठी का आयोजन

सराईपाली ( काकाखबरीलाल)। काव्य संसद के संस्थापक पुखराज यादव प्राज के जन्मदिवस के अवसर पर समूह के सदस्यों के द्वारा एक वर्चुअल गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं स्तुति वंदना से हुआ। कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में काव्य संसद संस्थापक पुखराज यादव प्राज, कार्यक्रम की अध्यक्षता गिरधारीलाल चौहान एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में राजनांदगांव से वरिष्ठ साहित्यकार माधवी गणवीर मंचस्थ रहे।कार्यक्रम के अगली कड़ी में रायगढ़ से कवयित्री पुष्पा पटनायक ने कहा साहित्य उत्थान के लिए प्राज जी का नवीन प्रयास उल्लेखनीय है। रायगढ़ से कवि गुलशन खम्हारी”प्रद्युम्न” ने कहा काव्य संसद मेरे लिए परिवार के समान है,प्राज जी एक आदर्श हैं। महासमुन्द से कवि विनोद कुमार “जोगी” ने कहा सहजता और सरलता प्राज जी की खासियत है,लोगों के सहायता के लिए हमेशा आगे रहते हैं। बलौदाबाजार से कवि डिजेन्द्र कुर्रे”कोहिनूर” ने कहा नये-नये विचारों का संग्रह काव्य संसद में होता रहता है,काव्य संसद छत्तीसगढ़ ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी अद्वितीय स्थान हेतु अग्रसर है।सूरजपुर से कवि डॉ. ओमकार साहू “सर्द” ने कहा जीना उसका जीना है जो औरों को जीवन देता है, काव्य संसद से जुड़कर विभिन्न साहित्य के विधाओं का ज्ञान हुआ।दुर्ग से कवयित्री प्रिया गुप्ता ने कहा प्राज जी में प्रकृति प्रेम की भावना अटल व अद्वितीय है,समाज के प्रति जागरूक रहते हैं।
रायगढ़ से कवि अजय पटनायक ने प्राज जी को बेहद सरल स्वभाव के धनी व अनुशासनशील एवं समय के लिए उनके नियमितता को अद्वितीय बताया।महासमुन्द से कवि शंकर सिंह सिदार ने इस ई-गोष्ठी में रचना प्रस्तुत किया। कांकेर से कवयित्री सुश्री नलिनी बाजपेयी ने कहा प्राज बेहद प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी हैं। बलौदाबाजार से कवि संतराम कुम्हार ने काव्य संसद से अपने सदस्यता के संबंध में विचार प्रस्तुत किया।कार्यक्रम में काव्य संसद उपाध्यक्ष डिग्री लाल जगत निर्भीक ने अपने संबोधन में काव्य संसद के प्रयासों एवं विभिन्न नव अनुप्रयोगों के बारे में जानकारी दी। राजनांदगांव से प्रवीण कुमार ठाकुर ने काव्य संसद के विषय में अपने विचार साझा किये। कांकेर से कवयित्री मीरा आर्ची चौहान ने जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए काव्य संसद के उत्तरोत्तर विकास के लिए सदस्यों के प्रयासों का वर्णन किया।जांजगीर-चांपा से कवि गिरधारी लाल चौहान ने काव्य संसद के व्यापकता एवं विभिन्न आयोजनों कि सराहना अपने वक्तव्य में किया। विशिष्ट अतिथि माधवी गणवीर ने अपने संबोधन में कहा की हम सभी प्रतिबद्ध हैं कि काव्य संसद के आगामी योजनाओं में सभी साथ मिलकर कार्य करेंगे। कार्यक्रम के संचालक सुन्दर लाल डडसेना”मधुर” जी ने पुखराज प्राज के प्रारंभिक जीवन से लेकर वर्तमान तक के साहित्य,समाज,शिक्षा एवं जन चेतना के लिए किये गए कार्यों के संदर्भ में जानकारी समूह के बीच रखा,व प्राज जी के विभिन्न विधाओं पर पकड़ के कारण उन्हें ययावर कलमकार की उपाधि से सम्मानित किया,साथ ही कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

AD#1

काका खबरीलाल

हर खबर पर काकाखबरीलाल की पैनी नजर.. जिले के न. 01 न्यूज़ पॉर्टल में विज्ञापन के लिए आज ही संपर्क करें.. kakakhabarilaal@gmail.com

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!