सरायपाली

सरायपाली :वर्षों से तालाब की सफाई नहीं, निस्तारी की भीषण समस्या से जुझ रहे ग्रामीण

सरायपाली. समीपस्थ ग्राम केजुआ में स्थित एक निस्तारी तालाब जलकुंभी से पटा पड़ा है। जिसकी सफाई विगत 3 वर्षों से नहीं हो रही है। गांव की आधी आबादी निस्तारी के लिए उसी तालाब पर आश्रित हैं।पंचायत पदाधिकारियों के प्रति नाराजगी

यहां तक तालाब के मेड़ में उगे अनावश्यक घास को मारने पंचायत द्वारा निंदानाशक दवाई का छिड़काव किया जाता था और तालाब की सफाई की जाती थी, लेकिन नए पंचायत कार्यकाल में अभी तक एक बार भी निस्तारी तालाब की सफाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में पंचायत के पदाधिकारियों के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है। तालाब में नहाने के लिए सीमित जगह होने व अधिक मात्रा में नहाने के कारण दिनोंदिन पचरी घाट के पानी मे गंदगी पसरी रहने के चलते लोग निस्तारी के लिए अन्य विकल्प भी ढूंढने लगे हैं। कुछ लोग तो निस्तारी के लिए अब आस-पास के ट्यूबवेल का भी सहारा लेने लगे हैं।

जलकुंभी से तालाब भर जाने व नहाने के लिए सीमित जगह रहने से गंदगी के चलते ग्रामीणों को निस्तारी के लिए काफी समस्या हो रही है।

शासन द्वारा पंचायत को स्वच्छता के लिए राशि भी दी जाती है, लेकिन पंचायत द्वारा स्वच्छता को लेकर ध्यान ना दिए जाने के कारण ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम केजुआ के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में निस्तारी के लिए सबसे बड़ा झोरकी तालाब है, जो 5 एकड़ में फैला है। गांव की आधी आबादी लगभग 600 से 700 ग्रामीण उसी तालाब पर निस्तारी के लिए निर्भर हैं, लेकिन तालाब जलकुंभी से भर जाने, उसकी सफाई ना करने के कारण ग्रामीणों को नहाने में भारी समस्या हो रही है। नहाने के लिए तीन पचरी भी पर्याप्त मात्रा में है, लेकिन विगत 3 वर्षों से उक्त निस्तारी तालाब का पंचायत द्वारा सफाई ना करवाने के कारण जलकुंभी पचरी के नजदीक तक जा पहुंचा है। लोगों को नहाने के लिए सीमित जगह मिल रहा है। कचड़े, बदबू से लोग परेशान हैं। सफाई न होने के कारण साबुन का झाग, प्लास्टिक, साबुन खोखा, विसर्जन के सामान आदि चीजें नहाने के घाट पर ही रुक जाती है। तालाब की सफाई ना होने से कुछ लोगों के नहाते ही पानी भी गंदा हो जाता है। इसके साफ होते तक लोग वहीं इंतजार करते हैं। ऐसा भी नहीं है कि यह तालाब केवल एक सीजन में ही लोग निस्तारी के लिए आश्रित रहते हैं, गर्मी के दिनों में भी तालाब में पानी भरा रहता है। निस्तारी का सबसे बड़ा तालाब होने के बावजूद पंचायत द्वारा साफ-सफाई को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में तालाब की सफाई होती थी, लेकिन कई वर्षों से सफाई नहीं होने से तालाब में गंदगी का आलम है।

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काका खबरीलाल

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