बसनामहासमुंद

भगवान जगन्नाथ की धूमधाम से निकली रथयात्रा जगह-जगह हुआ स्वागत पूजा अर्चना

शुकदेव वैष्णव, काकाखबरीलाल/बसना: बसना नगर एवं बसना विकासखंड के विभिन्न गांव में श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथ यात्रा धूमधाम से निकली जगह जगह रात का स्वागत किया गया एवं भगवान जगन्नाथ बलभद्र एवं माता सुभद्रा की पूर्ण आस्था के साथ पूजा अर्चना की गई रथ में विराजित भगवान जगन्नाथ के चरणों में छोटे-छोटे बच्चों को लेटा कर पंडित गणों ने भगवान से बच्चों को आशीर्वाद दिलाया वही सभी श्रद्धालुओं को पंडित महाराज जी के द्वारा गजा मूंग के प्रसाद देकर आशीर्वाद प्रदान किया गया. हर जगह रथ के पास पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं और बच्चों की संख्या ज्यादा देखी गई. सभी भगवान जगन्नाथ से आशीर्वाद प्राप्त करने कतार में लगे हुए थे. गांव गांव में रथ निकलने से मेला लगा हुआ था. बसना नगर में रथ यात्रा का मुख्य आयोजन कृषि उपज मंडी परिसर के पास था जहां मेला लगा हुआ था. दोपहर बाद पदमपुर रोड स्थित राम जानकी मंदिर से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा विधि विधान एवं पूजा पाठ के साथ प्रारंभ हुआ. राम जानकी मंदिर से बाजा बाजा के साथ रथयात्रा थाना चौक होते हुए कृषि उपज मंडी परिसर पहुंची . कार्यक्रम मैं मुख्य अतिथि संसदीय सचिव एवं क्षेत्रीय विधायक श्रीमती रूपकुमारी चौधरी थीं . कार्यक्रम में उपस्थित संसदीय सचिव श्रीमती चौधरी का स्थानीय राम जानकी मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं बसना नगर के प्रबुद्ध जनों द्वारा स्वागत किया गया. श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने भी रथ के पास जा कर भगवान जगन्नाथ प्रभु प्रदर्शन किए तथा पूजा अर्चना कर बसना विधानसभा क्षेत्र वासियों के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया . यहां उपस्थित श्रद्धालु भक्तजनों के द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ प्रभु जी का जयघोष किया गया इस बीच जगह-जगह रथ यात्रा का स्वागत एवं भगवान जगन्नाथ जी का पूजा अर्चना किया गया कृषि उपज मंडी परिसर में रात देर संध्या तक रही जहां बसना नगर के साथ-साथ विभिन्न गांव से आए श्रद्धालु भगवान का दर्शन किए पूजा अर्चना के पश्चात गजा मूंग का प्रसाद प्राप्त कर कृतार्थ हुए प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी कृषि उपज मंडी परिसर में मेला लगा हुआ था जहां पकवान, खाने पीने के सामान ,फल ,चना- मुर्रा ,उंखरा,चाट ठेला, होटल बैलून गुब्बारा, आइसक्रीम, खिलौना आदि सैकड़ों सामान विक्रेताओं का जमावड़ा लगा था. सभी दुकानों खेलों में लोगों की भीड़ देखी गई, जैसे जैसे संध्या होती गई लोगों की भीड़ देखते देखते बढ़ गई पदमपुर रोड में आवागमन व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए बसना पुलिस को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा शहर में शांति व्यवस्था बहाल करने एवं भगवान जगन्नाथ प्रभु के दर्शन हेतु पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुलिस के द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी पदमपुर रोड के मंडी प्रवेश द्वार एवं विश्राम गृह से कृषि उपज मंडी की ओर मान आने वाले मार्ग को मोटरसाइकिल एवं चार पहिया वाहनों को रोकने के लिए वेरी गेट लगा दिया गया था पैदल यात्रियों को प्रवेश दिया जा रहा था. देर संध्या के बाद भगवान जगन्नाथ प्रभु का रथ पुनः मंदिर परिसर वापस पहुंची. पूजा अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ प्रभु की मूर्ति वापस मंदिर परिसर में ले जाकर स्थापित किया गया. आयोजन को सफल बनाने कुछ दिन पूर्व राम जानकी मंदिर समिति के द्वारा बैठक ली गई थी वही थाना परिसर में थाना प्रभारी द्वारा शांति समिति की बैठक बुलाकर रथ यात्रा के दौरान शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए विशेष तौर पर चर्चा की गई थी . रथ यात्रा एवं मेला के सफल आयोजन मैं राम जानकी मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक जोशी, पूर्व प्राचार्य आर के खरे , सचिव बलदेव मिश्रा ,नगर पंचायत बसना के उपाध्यक्ष अभिमन्यु जायसवाल , भगत राम वधवा,धनेश्वर साहू , ओंकार प्रसाद पांडे,लच्छी लाल भोई, मानिकपुरी समाज बसना के अध्यक्ष जगदीश दास राजन, रतन लाल अग्रवाल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसना के प्राचार्य के सी साहू , प्राचार्य भोल सिंह सिदार सहित, प्रबुद्धजनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. इसके अलावा बसना ब्लॉक में सर्वाधिक रथ यात्रा का ऐतिहासिक आयोजन पूरे बसना क्षेत्र ग्राम बरपेलडीह (भूकेल) में होता है. जहां बसना- सरायपाली, पिथौरा क्षेत्र एवं उड़ीसा राज्य से भी श्रद्धालु बड़ी तादाद में भगवान जगन्नाथ के दर्शन एवं पूजा अर्चना के लिए आते हैं .और अपनी मनोकामना की प्राप्ति कर घर लौट जाते हैं, साल भर में दो बार लगने वाले रथयात्रा मेला यहां का देखने लायक होता है . यहां लक्ष्मी नारायण का भव्य मंदिर है. इसी मंदिर से रथ यात्रा निकलती है. बरपेलडीह के रथ यात्रा का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है नई नवेली दुल्हन रथ यात्रा में शामिल होने अपने ससुराल से 10 से 15 दिन पूर्व अपने मायका चली जाती हैं .और प्रथम और बाहूडा रथ मैं भगवान जगन्नाथ प्रभु का दर्शन कर तथा उससे अपने नए परिवार के लिए आशीर्वाद प्राप्त कर कुछ दिन बाद ही उनके ससुराल वापस जाने की परंपरा है. क्षेत्र की नवविवाहिता दशकों से बरपेलडीह का रथ यात्रा देख कर तथा भगवान जगन्नाथ से आशीर्वाद प्राप्त कर इस परंपरा का पालन कर रही हैं ।

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