रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक शाला अब अपने ही नाम से जाना जाएगा

स्थानीय शासकीय रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक शाला अब पुन: अपने ही नाम से जाना जाएगा। ज्ञात हो कि स्वामी आत्मानन्द स्कूल खोलने के बाद नगर के इस सबसे पुराने स्कूल का नाम विलोपित कर दिया गया था, जिससे स्थानीय लोगों के साथ आदिवासी समाज खासा आक्रोशित था। वहीं दूसरी ओर पोर्टल में अभी भी स्कूल का नाम नहीं बदला गया है, लिहाजा आदिवासी समाज ने पोर्टल में नाम बदलने तक आंदोलन के लिए अलर्ट रहने की बात कही है।
इस जमीन को कौडिय़ा के राजा रणजीत सिंह द्वारा दान में सशर्त दी गयी थी। अत: उक्त स्कूल का नाम बदलने की खबर से आदिवासी समाज भी आंदोलित हो गया। विगत सोमवार को ही आदिवासी समाज के नेतृत्व में नगरवासियों ने स्कूल में तालाबंदी कर दी थी। उसके बाद शुक्रवार को अचानक स्कूल के मुख्यद्वार पर लिखा गया स्वामी आत्मानन्द स्कूल का नाम बदल कर पुन: रणजीत कृषि उच्चतर माध्यमिक शाला कर दिया गया है।
पोर्टल में नहीं बदला नाम- ठाकुर
इधर आदिवासी समाज के ब्लॉक अध्यक्ष मनराखन सिंह ठाकुर ने बताया कि नाम वापसी के लिए हम शासन के आभारी है। परन्तु जिले में पदस्थ एक सहायक संचालक के कारण यह स्थिति पैदा हुई कि समाज को आम लोगों के साथ मिल कर आंदोलित होना पड़ा। अब वे स्थानीय कलेक्टर से मांग करते है कि वर्तमाम में सहायक संचालक के पद पर रहते हुए स्कूल का नाम विवादित करने वाले अधिकारी पर कार्यवाही करते हुए उन्हें उनके मूल प्राचार्य पद पर वापस भेजा जाए, जिससे दुबारा ऐसी स्थिति ना बने। जब तक पोर्टल में नाम नहीं बदलता तब तक हम सभी यही समझ रहे है कि उन्हें गुमराह करने के लिए ही नाम बदल कर लिखा गया है। इस सम्बंध में समाज द्वारा भूपेश सरकार में मंत्री प्रेम सिंह टेकाम को भी अवगत करवा कर आवश्यक कार्यवाही कर पोर्टल में भी रणजीत कृषि नाम दर्ज करने की मांग की है।
आदेश के बाद नाम बदला गया
जिले के शिक्षा विभाग के सहायक संचालक हिमांशु भारती ने बताया कि शासन स्तर पर पुन: रणजीत कृषि नाम हेतु आदेश कर दिए गए है। इसलिये मुख्य द्वार पर लगे बोर्ड में नाम बदला गया है। पोर्टल में नाम बदलने का काम प्राचार्य का है, वे इसकी सूचना शासन को भेजेंगे इसके बाद शासन से ही पोर्टल में भी नाम बदल जायेगा।

























