
ओमकार केशरवानी काका ख़बरीलाल सारंगढ की बड़ी रिपोर्ट
सारंगढ।एक और सरकार जहां शिक्षा के क्षेत्र में करोड़ों खर्चा कर रही है वही इसका समुचित लाभ छात्रों को नहीं मिल पा रहा है ग्रामीण क्षेत्रों के स्कुलों का हाल बेहाल है सरकारी स्कूलों में दिनोंदिन शिक्षा का स्तर गिरता चला जा रहा है लगता है कि शिक्षकों को छात्रों के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है और नहीं छात्रों के भविष्य के प्रति शिक्षकों को कोई चिंता है शिक्षकों के स्कूल आने जाने का कोई टाइम नहीं है और नहीं छात्रों के कोर्स पूरा करवाने की चिंता यही हाल है सारंगढ़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत चंवरपुर का जहां माध्यमिक शाला में 4 शिक्षक हैं और छठवीं सातवीं और आठवीं तीनों कक्षा मिलाकर कुल क्षेत्र है जहां छात्रों की उपस्थिति प्रतिदिन औसतन 20 है 4 शिक्षकों में एक शिक्षक समन्वयक है जिनको छात्रों के पठन पाठन से दूर-दूर तक कोई मतलब नहीं है 3 शिक्षक शेष रहे जिनमें एक प्रधान पाठक है प्राप्त जानकारी अनुसार अधिकतर इस स्कूल में एक ही शिक्षक आते हैं और बाकी नदारद रहते हैं जो सप्ताह में या 15 दिनों में 1 दिन स्कूल आकर उपस्थिति रजिस्टर में अपना हस्ताक्षर कर चले जाते हैं। सूत्रों की माने तो तो इन शिक्षकों में आपस में तालमेल है ।
प्राप्त जानकारी अनुसार उक्ति स्कूल में शिक्षक 10 10:30 बजे स्कूल आते हैं तब तक छात्र बाहर में खेलते रहते हैं कक्षा आठवीं जिसकी परीक्षा अभी 28 मार्च से चालू है उन छात्रों का कोर्स पूरा होने की बात तो दूर है उनका पढ़ाई ही ठीक ढंग से चालू नहीं हुआ है जिसको लेकर छात्र एवं उनके पालक चिंतित हैं।
प्रधान पाठक कहते है कि – इस संबंध में शाला के प्रभारी प्रधान पाठक एस बी खलखो से पूछने पर उन्होंने बताया की इस बात की जानकारी बी ई ओ साहब को है।
बीईओ का कहना – इस संबंध में सारंगढ के खंड शिक्षा अधिकारी एस एन भगत का कहना है अगर यह जानकारी सही है तो उन शिक्षकों पर अवश्य ही कार्यवाही की जावेगी।
























