महासमुंद

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें – लोकेश कावड़िया

छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया दिव्यांगजनों से हुए रूबरू,

काकाखबरीलाल@डेस्करिपोर्टर। छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम, समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण, कौशल विकास एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन आज शाम कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया। बैठक में कलेक्टर विनय लंगेह, प्रबंध संचालक डॉ. पंकज वर्मा, समाज कल्याण विभाग की उप संचालक संगीता सिंह सहित दिव्यांगजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया द्वारा दिव्यांगजनों को शाॅल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। बैठक में दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए सामग्रियों का भी प्रदर्शन किया गया।
बैठक में दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से दिव्यांगजनों को रियायती ब्याज दर पर स्वरोजगार हेतु ऋण, समय पर ऋण चुकाने पर ब्याज सब्सिडी तथा कौशल विकास प्रशिक्षण जैसी अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने दिव्यांगजनों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर स्वयं का रोजगार स्थापित करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का आह्वान किया।
प्रबंध संचालक डॉ. पंकज वर्मा ने निगम की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र हितग्राहियों को परियोजना की आवश्यकता के अनुसार 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही समय पर ऋण अदायगी करने वाले हितग्राहियों को ब्याज सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है। उन्होंने कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं विशिष्ट उद्यमी मित्र तथा विशिष्ट प्रशिक्षण मित्र की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
कलेक्टर विनय लंगेह ने कहा कि जिला प्रशासन दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास एवं उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचाने तथा अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।
उपसंचालक समाज कल्याण संगीता सिंह ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए हितग्राहियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया से अवगत कराया। बैठक में बताया गया कि महासमुन्द जिले में अब तक 218 दिव्यांगजनों को लगभग 6 करोड़ 80 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है, जिससे अनेक हितग्राही स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित दिव्यांगजनों ने अपने अनुभव साझा किए तथा शासन द्वारा संचालित योजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया।

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