बसना:अंतरजातीय विवाह बना विवाद की वजह, सामाजिक बहिष्कार और कथित वसूली मामले में 5 नामजद सहित अन्य पर FIR

बसना । थाना बसना पुलिस ने अंतरजातीय विवाह के बाद एक परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने, डराकर ₹1.11 लाख की कथित जबरन वसूली करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में कोलता समाज के कुछ पदाधिकारियों एवं अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, बचेली निवासी एवं मूलतः तोषगांव की रहने वाली अंकिता प्रधान की शिकायत पर जांच की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अंतरजातीय विवाह करने के कारण समाज के पदाधिकारियों ने उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया। 17 मई 2026 को ग्राम बरबसपुर में आयोजित एक सामाजिक बैठक में परिवार के सदस्यों को बुलाकर समाज से बाहर करने की धमकी दी गई और समाज में बने रहने के लिए ₹1,11,000 का आर्थिक दंड लगाया गया।
शिकायत के अनुसार, भय और दबाव के चलते अगले दिन 18 मई 2026 को पीड़ित परिवार ने फोन-पे के माध्यम से राधेश्याम साहू के बैंक खाते में ₹1.11 लाख ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस जांच के दौरान शिकायतकर्ता एवं परिजनों के बयान दर्ज किए गए। साथ ही बैठक की मोबाइल से बनाई गई ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग तथा फोन-पे ट्रांजेक्शन का विवरण भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। आरोपियों ने पूछताछ में राशि को मंदिर समिति के लिए स्वैच्छिक दान बताया, लेकिन पुलिस के अनुसार वे अपने दावे के समर्थन में बैंक पासबुक, दान रसीद, बैठक का प्रस्ताव रजिस्टर या समाज की नियमावली जैसे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
जांच में प्रथम दृष्टया सामाजिक बहिष्कार, आपराधिक धमकी और कथित जबरन वसूली के आरोप प्रमाणित पाए जाने पर थाना बसना पुलिस ने भोजराज प्रधान, प्रवीण भोई, धरणीधर साहू, संजय भोई एवं अन्य के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 393/2026 दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।


































