25 सालों के लिए बिजली बिल से मुक्ति,60 हजार खर्च कर.. सोलर सिस्टम से आधी हो जाएगी बिजली की खपत.

शुकदेव वैष्णव,काकाखबरीलाल/महासमुंद: यदि आप भारी बिजली बिल की समस्या से जूझ रहे हैं तो महज 60 हजार रूपए खर्च कर अपने घर में सोलर सिस्टम लगाकर आगामी 25 साल के लिए बिजली बिल भुगतान करने से मुक्ति पा सकते हैं। उपरोक्त बातें आज यहां पत्रकारवार्ता के दौरान अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष पुरंदर मिश्रा ने कही। मिश्रा ने बताया कि घरों में एक केव्ही का सोलर सिस्टम लगाने के लिए करीब एक लाख 20 हजार रुपए का खर्च आता है जिसके लिए शासन द्वारा हितग्राही को अनुदान दिया जाता है। घर में इस सोलर सिस्टम को लगाने के बाद बिजली की खपत आधी हो जाएगी। साथ ही हर माह भारी बिजली बिल पटाने की समस्या से मुक्ति भी मिल जाएगी। हालांकि बिजली बिल की इस समस्या से आजीवन मुक्ति मिल जाएगी लेकिन 25 साल आपको बिल्कुल भी किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। मिश्रा ने बताया कि एक केव्ही के सोलर सिस्टम से प्रतिदिन 4 यूनिट बिजली मिलेगी जो किसी भी मध्यम वर्ग परिवार के उपयोग के लिए पर्याप्त है। यदि आपकी बिजली की खपत अधिक है तो आप बड़ा सोलर सिस्टम लगाकर भी इसका उपयोग कर सकते हैं। सोलर सिस्टम लगाने के बाद समय-समय पर सोलर सिस्टम प्लेट की सफाई करनी होगी जिससे बिजली अच्छी तरह से आपको मिलेगी।
प्रदेश में डेढ़ हजार करोड़, जिले में सौ करोड़ के कार्य
मिश्रा ने बताया कि छग राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनके द्वारा पूरे प्रदेश भर में करीब 15 सौ करोड़ के विकास कार्य कराए गए हैं जिसमें यहां जिले में ही करीब सौ करोड़ के विकास कार्य कराया गया है। मिश्रा ने बताया कि सोलर सिस्टम लगने के बाद करीब 20 प्रतिशत बिजली की खपत कम हुई है। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रति अब लोग दिलचस्पी ले रहे हैं और सोलर सिस्टम लगा रहे हैं। शासन की इस योजना का सबसे अधिक लाभ किसानों ने लिया है जो खेतों में सोलर सिस्टम लगाकर सिंचाई पंप चला रहे हैं। विभाग की सौर सुजला योजना के तहत महासमुंद जिले में ही 2749 सिंचाई सौर पंपों की स्थापना की गई है।
सोलर सिस्टम लगाकर बिजली भी बेच सकते हैं
एक सवाल के जवाब में मिश्रा ने बताया कि आप अपने घर की छत में अधिक केव्ही वाले सोलर सिस्टम लगाकर अपनी आवश्यकतानुसार खपत करने के साथ ही शेष बिजली को विद्युत विभाग को बेच सकते हैं जिससे आपको और अधिक लाभ मिल सकता है। शासन द्वारा ऊर्जा विकास अभिकरण के तहत करीब 8 अलग-अलग योजनाएं चलाई जा रही है।























