मानसिक अयोग्य व्यक्ति के लिए कानून में व्यापक प्रबन्ध है – न्यायाधीश दीक्षित

10 अक्टुबर विश्व मानसिकता स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
काकाखबरीलाल,पिथौरा- यदि कोई मानसिक अयोग्यता से पीड़ित व्यक्ति थाने की सीमा के अंतर्गत घूमते हुए पाया जाता है या असामान्य हरकत करता है तो घूमते हुए व्यक्ति को पुलिस अधिकारी अपने संरक्षण में लेगा तथा उसकी सूचना व्यक्ति के मित्र या रिश्तेदार को दी जाएगी। उक्ताशय की जानकारी विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से पिथौरा न्यायालय के न्यायाधीश पंकज दीक्षित ने दी है।

श्री दीक्षित ने यह भी बताया कि पुलिस अधिकारी द्वारा मानसिक अयोग्य व्यक्ति को अपने संरक्षण में लेने के पश्चात यदि उस व्यक्ति का कोई मित्र या रिश्तेदार नहीं है तो 24 घंटे के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करेगा।यदि मजिस्ट्रेट को यह लगता है कि जो व्यक्ति पुलिस अधिकारी द्वारा न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है उस व्यक्ति की मानसिक स्थिति विकृत हो तो उसका परीक्षण मानसिक चिकित्सक द्वारा कराया जाने का निर्देश देगा। निर्देशानुसार पुलिस अधिकारी उसका परीक्षण कराएगा परीक्षण उपरांत चिकित्सक की राय पर एवं मजिस्ट्रेट के आदेश पर मानसिक अयोग्य व्यक्ति को मानसिक अस्पताल में उपचार हेतु भेजे जाने के प्रावधान हैं।श्री दीक्षित ने आगे बताया कि यदि कोई मानसिक रूप से अयोग्य व्यक्ति वह अपनी स्वयं की संपत्ति हो या उसकी सही ढंग से देख रेख नहीं हो पा रही है तो जिला न्यायालय में इस बात का आवेदन दे सकता है कि उसकी संपत्ति की देखरेख सही ढंग से हो न्यायालय में आवेदन पेश करने पर चिकित्सा अधिकारी के द्वारा जांच पश्चात सही पाया जाने पर आवेदन कर्ता मानसिक अस्वस्थ है तो उसकी संपत्ति के देखरेख के लिए परिवार के सदस्य की नियुक्ति कर दिया जाता है। उन्होंने अन्य विधियों के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी श्रीमती तारा अग्रवाल सहित समस्त चिकित्सक गण एवं अस्पताल के कर्मचारी तथा मरीज उपस्थित थे।






























