महासमुंद:धान छोड़ अपनाई आधुनिक खेती, बैंगन से बदली किसान की तकदीर

महासमुंद। महासमुंद विकासखंड के ग्राम लोहारडीह निवासी प्रगतिशील किसान श्री क्रांति कुमार चंद्राकर ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। एम.टेक. शिक्षित श्री चंद्राकर पहले अपनी 1.46 हेक्टेयर सिंचित भूमि में मुख्य रूप से धान की खेती करते थे, लेकिन बढ़ती लागत, अधिक पानी की आवश्यकता और सीमित लाभ के कारण उन्होंने खेती में नवाचार करने का निर्णय लिया।
वर्ष 2025-26 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत संचालित ग्राफ्टेड बैंगन एवं टमाटर सीडलिंग प्रदर्शन कार्यक्रम में भाग लिया। योजना के तहत उन्हें 30 हजार रुपये की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुई। विभागीय तकनीकी सहयोग से उन्होंने अपने खेत में ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग तकनीक का उपयोग करते हुए ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की।
आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। श्री चंद्राकर के अनुसार, जहां धान की खेती से उन्हें लगभग 35 हजार रुपये तक का लाभ मिलता था, वहीं ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से लगभग 400 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में औसतन 25 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक्री होने पर उन्हें बेहतर आय प्राप्त हुई।
उन्होंने बताया कि खेती में श्रमिकों एवं अन्य सभी खर्चों को निकालने के बाद उन्हें लगभग 6.50 लाख रुपये प्रति एकड़ का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। उनकी इस सफलता ने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी प्रेरित किया है। उनके खेत में बेहतर उत्पादन और आधुनिक खेती के परिणामों को देखकर आसपास के किसान उद्यानिकी फसलों की खेती के साथ-साथ ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।
श्री क्रांति कुमार चंद्राकर की यह सफलता आधुनिक तकनीक आधारित खेती की उपयोगिता को दर्शाती है तथा किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है।
































