
रायपुर(काकाखबरीलाल)। छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम में एक सौ एक करोड़ रुपये से ज्यादा की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। हालांकि, मामला एक दशक से भी पुराना है, लेकिन फाइलों में दफन हो चुके इस मामले को छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा विभाग के एक पत्र ने फिर से ऊपर ला दिया है। अब इस पर पाट्यपुस्तक निगम के मौजूदा अध्यक्ष ने पूर्ववर्ती कार्यकाल पर हमला बोल दिया है।छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा की ओर से पाठ्यपुस्तक निगम को लिखे इस पत्र ने भ्रष्टाचार के पुराने मामले को फिर से बाहर ला दिया है। और इसी के साथ मौजूदा एवं पूर्ववर्ती अध्यक्ष के बीच राजनीतिक जंग भी छिड़ गई है। दरअसल, 2008-09 के लोकल फंड ऑडिट में पाठ्यपुस्तक निगम में 100 करोड़ से ऊपर की वित्तीय अनियमितता सामने आई।
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