पुखराज यादव बने अखिल भारतीय काव्य संसद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष

रायपुर (काकाखबरीलाल)। साहित्य सृजन को ध्येय मानकर विभिन्न राज्यों के कवि जो मेरी कविता-मेरा ट्रेंड साहित्यिक वेबपेज से जुड़े थे, उन सबने मिलकर एक राष्ट्रीय संस्था के गठन विषय अपने अपने स्थानिय बैठकें रखी एवं सुदूर निवासित कवियों से आनलाईन विडियोंकॉन्फ्रेंशिग के जरिये 8सितम्बर को एक राष्ट्रीय बैठक आहुत हुई। जिसमें छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश,गुजरात और बिहार के साहित्यकारों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में साहित्य सृजन एवं एक नव संस्था के सृजन के संबंध में विचार विमर्श हुआ। तत्तपश्चात साहित्यकारों को राष्ट्रीय स्तर पर एकजूट करने के प्रयास से नव साहित्यिक संस्था अखिल भारतीय काव्य संसद का निर्माण किया गया। जिसमेें संरक्षक श्री महेश राजा, आईएसबीएम विवि छत्तीसगढ़ के लाईब्रेरियन को अखिल भारतीय काव्य संसद के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री पुखराज यादव प्राज को बनाया गया। साथ ही
पिथौरा,महासमुन्द छग से उपाध्यक्ष श्री संतोष गुप्ता
पटेवा,महासमुन्द से कोषाध्यक्ष- मनोज कुमार यादव “भावरिया”
राजनांदगांव से सचिव- श्रीमती माधवी गणवीर
पिथौरा छत्तीसगढ़ से सहसचिव श्रीमती जितेश्वरी साहू सचेता
संगठन प्रभारी राजस्थान से बजरंग लाल सैनी “वज्रघन”सदस्य- प्रवीण चतुर्वेदी( समुह अनुशासन प्रभारी),कोण्डागांव छत्तीसगढ़ से कवि गिरिजा प्रसाद पाण्डे(सोशल मीडिया प्रभारी) महासमुन्द,छत्तीसगढ़ से सुन्दर लाल डडसेना “मधुर” (पीआरओ), उत्तराखंड से ओमप्रकाश फुलारा “प्रफूल्ल” (प्रकाशन प्रभारी एवं पारदर्शिता प्रबंधन प्रभार), बस्तर छत्तीसगढ़ से विश्वनाथ देवांगन (योजना एवं विधि संशोधक प्रभारी) के पद के लिए निर्वाचित किया गया। नव गठित संस्था के संस्थापक पुखराज यादव ने बताया कि निर्वाचनोपरांत सभी सदस्यों को सविधान और साहित्य की अमर कृतियों को साक्षी मानकर पद एवं गोपनिता की सपथ दिलाई गई।इस संस्था से लगभग वर्तमान में १२० साहित्यकार जुड़े हैं जो भारत के अलग-अलग राज्यों से हैं।
























