शुमा नर्सिंग होम ने न्यूरोपैथी के प्रति लोगों को किया जागरूक

सरायपाली। न्यूरोपैथी (तंत्रिका संबंधी बीमारी) के बढ़ते मामलों को देखते हुए शुमा नर्सिंग होम, झिलमिला सरायपाली द्वारा आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए जानकारी साझा की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, न्यूरोपैथी का खतरा कई कारणों से बढ़ सकता है, जिनमें अधिक वजन, उच्च रक्तचाप (हाई बीपी), मधुमेह, अत्यधिक शराब का सेवन तथा शरीर में विटामिन का असंतुलन प्रमुख हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि न्यूरोपैथी एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर की नसें प्रभावित होती हैं, जिसके कारण मरीजों को हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, दर्द और कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। समय पर जांच और उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
शुमा नर्सिंग होम में 24×7 आपातकालीन सेवाएं, विशेषज्ञ आईसीयू सुविधा, डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को निःशुल्क उपचार की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
अस्पताल प्रबंधन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें न्यूरोपैथी से संबंधित कोई लक्षण महसूस हो, तो वे तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें, जिससे गंभीर जटिलताओं से बचा जा सके।
































