सरायपाली

नाप तौल विभाग द्वारा बिना जीएसटी का रसीद देने पर व्यापारियों ने किया विरोध..फर्जी लायसेंस को दिखाकर अवैध उगाही का भी लगाया आरोप

बिना शुल्क सूची टांगे मनमाने ढंग से की वसूली

काकाखबरीलाल,सरायपाली। नाप तौल विभाग के अधिकारियों द्वारा स्थानीय नई मण्डी परिसर में शहर के सभी व्यापारियों के बाटो का निरीक्षण के लिए 3 दिन तक शिविर लगाया गया. उक्त शिविर में इलेक्ट्रानिक तराजू, तराजू एवं किलो बांट का जांच कर सत्यापन किया गया. लेकिन उनके द्वारा किसी भी तरह के शुल्क की सूची नहीं लगाई गई थी और उनके द्वारा दिए जा रहे रसीद में भी जीएसटी नंबर का उल्लेख नही था. सरायपाली व्यापारी संघ ने इसका विरोध करते हुए उच्चाधिकारियों से मौके पर ही शिकायत की. मापतौल विभाग से पहुंचे अधिकारियों को व्यापारी संघ द्वारा किसके आदेश पर उक्त जांच किए जाने की बात पूछने पर जवाब में उन्होने एक अनुमति पत्र दिखाई, जिसमें विवेक ढांड विधिक विज्ञान माप नियंत्रक द्वारा लायसेंस जारी करने का उल्लेख था. लेकिन उस पत्र में न तो उनका हस्ताक्षर था और न ही वैधता तिथि का उल्लेख था. जबकि जारी दिनांक 07.10.1995 स्थान भोपाल(मध्यप्रदेश) उल्लेखित था. इसे देखते हुए व्यापारियों ने फर्जी तरह से बिना कोई अनुमति के तराजु बाट का सत्यापन कर लाखों रूपए उगाही करने का भी आरोप लगाया है.

सत्यापन के नाम पर व्यापारियों से 200 से 1000 रूपए तक किया वसूल

प्रतिवर्ष धान खरीदी में भी तौल के लिए उपयोग किए जाने वाले बाट का सत्यापन प्रत्येक खरीदी केंद्रों का होता है और उसमें सत्यापन तिथि भी उल्लेखित रहता है. जिस आधार पर वे यहां पर सत्यापन के लिए पहुंचे थे, उसमें किसी तरह की सत्यता नजर नहीं आ रही थी. ऐसा लग रहा था, मानो उनके द्वारा पैसे उगाही के लिए ही यह कार्यक्रम रचा गया हो. लायसेंस नवीनीकरण की कॉपी में भी सील लगे स्थान पर पुन: सील लगाकर तारीख को पेन में लिखा गया है. अधिकारियों के द्वारा 23, 24 एवं 25 नवम्बर तीन दिनों तक शिविर में 232 व्यापारियों के बाट का सत्यापन किया गया, जिसके एवज में प्रति व्यापारी 200 से 1000 रूपए की वसूली कर कुल 48 हजार रूपए की रसीद काटी गई है. शिविर में पहुंचे व्यापारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, मदन अग्रवाल, सेवा शंकर अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, जनाब खान आदि लोगों ने बिना जीएसटी रसीद देने की भी शिकायत असिसटेंट कमीशनर ए के विश्वा से मौके पर ही की.

इस संबंध में आर एस सोरी नाप तौल विभाग निरीक्षक महासमुंद से पूछे जाने पर बताया कि प्रतिवर्ष नवीनीकरण होता है और पूर्व में 1995 से लायसेंस प्राप्त है. जब उनसे लायसेंस में विधिक माप विज्ञान नियंत्रक का हस्ताक्षर नहीं होने की बात पूछा गया तो उन्होने बताया कि विभाग के द्वारा ही लायसेंस जारी हुआ है. यह अधिकृत है, तभी उनके अधीनस्थ कर्मचारी हर वर्ष नवीनीकरण कर रहे हैं. बिना जीएसटी का सत्यापन रसीद देने की बात पूछने पर बताया कि यह शासकीय कार्य है और पूरे छत्तीसगढ़ में नाप तौल विभाग द्वारा जीएसटी युक्त रसीद नहीं दी जा रही है. साथ ही उन्होंने सभी धान फड़ों के तौल करने वाले बाट का भी सत्यापन किए जाने की बात कही.

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