आंगनबाड़ी केन्द्र जर्जर


सरायपाली (काकाखबरीलालग्राम).ग्राम पंचायत मोहनमुंडा के आश्रित ग्राम काकेनचुवां में आंगनबाड़ी केन्द्र जर्जर हो जाने के कारण दो वर्षों से बच्चों को पढ़ने के लिए स्वयं का भवन नसीब नहीं हो रहा है। वर्तमान में बच्चे वन विभाग के तेंदूपत्ता कार्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके पूर्व आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चे वही पुराने जर्जर भवन में पढ़ रहे थे, लेकिन उसकी स्थिति भी खराब हो जाने के कारण बच्चों को वहां से स्थानांतरित कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों को इन सब की जानकारी होने के बावजूद भी अब तक बच्चों को स्वयं का भवन नसीब नहीं हो रहा है।
नवनिहालों को सही देखभाल के साथ अच्छी शिक्षा प्राप्त हो इसके लिए शासन के द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से कई तरह की योजनाएँ चलायी जा रही है, लेकिन आज भी कई आंगबाड़ी केन्द्र ऐसे हैं, जो मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनमुंडा के आश्रित ग्राम काकेनचुवां में भी कुछ इसी तरह की स्थिति देखी गई, जहाँ का आंगनबाड़ी केन्द्र पूरी तरह जर्जर हो चुका है और बच्चों के बैठने योग्य नहीं रह गया है।
उक्त आंगनबाड़ी केन्द्र का निर्माण सन् 2003 में किया गया था, जो लगभग दो वर्ष पूर्व से जर्जर हो गया है। वर्तमान में यहाँ 27 की दर्ज संख्या है। जहां पर 5 शिशुवती, 7 गर्भवती तथा 6 माह से 3 वर्ष तक के 27 बच्चे दर्ज हैं, जिन्हें रेडी टू ईट प्रदान किया जाता है। वर्तमान में आंगनबाड़ी भवन पूरी तरह जर्जर हो गया है। लगभग 2 साल से उन बच्चों को ग्राम के ही वन विभाग के तेंदूपत्ता कार्यालय में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
तेन्दूपत्ता कार्यालय भी हो रहा है जर्जर
ज्ञात हो कि अब वन विभाग का तेंदूपत्ता कार्यालय भी जर्जर होने की स्थिति में आ गया है, लेकिन बच्चे भवन के अभाव में वहां बैठने के लिए मजबूर हैं। इसके अलावा वन विभाग की जरूरत पड़ने पर कार्यालय से बच्चों को कभी भी हटाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में बच्चों को पढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के समक्ष भी विकट स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। हालांकि अभी वहां भी बच्चों के
पालकों को भी चिंता सता रही है और वे सोचने के लिए मजबूर हैं कि आखिर उनके नवनिहालों को स्वयं का भवन कब नसीब होगा।
विभागीय अधिकारियों को दी गई है जानकारी- कार्यकर्ता
इस संबंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुरुजमोती सिदार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी भवन बच्चों के बैठने योग्य नहीं था, उसके लिए विभाग द्वारा गांव में स्थित वन विभाग के तेंदूपत्ता कार्यालय में विगत 2 वर्ष पहले बच्चों के पढ़ाई के लिए व्यवस्था कराई गई थी। उनके द्वारा विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है और अधिकारी भी पूरी स्थिति का अवलोकन कर चुके हैं। साथ ही ग्राम के सरपंच को भी इसकी जानकारी दी गई है। लेकिन कब तक बच्चों को स्वयं का भवन नसीब होगा, इस संबंध में वे भी कुछ स्पष्ट जानकारी नहीं दे पायीं।


























