रायपुर

रायपुर : जानिए मोती की खेती से जुड़ी जानकारी

मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है. कम से कम 10 गुणा 10 फीट या बड़े आकार के तालाब में मोतियों की खेती को आसानी से शुरू किया जाता सकता है. मोती संवर्धन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है.

मोती के महत्व के दो पहलू हैं, एक आभूषण में और दूसरा आध्यात्मिकता में, जिसकी पूरी दुनिया में भारी मांग है, और वे अपनी गुणवत्ता के आधार पर उ’च कीमतों का भुगतान करने को तैयार हैं. इस बिजनेस को पूरा समझने से पहले इन प्रश्नों के उत्तर जान लें क्यों है यह बिजनेस खास.

पहला मोती की खेती क्यों महत्वपूर्ण है?

जहां तक मोतियों की बात है, मांग सदियों से एक जैसी रही है, लेकिन फिर भी गुणवत्ता वाले मोतियों की आपूर्ति सीमित है. लेकिन गुणवत्ता वाले मोतियों का उत्पादन आपके पूरे निवेश को अ’छे रिटर्न के साथ वसूल करने में मदद करेगा.

दूसरा क्या मोती की खेती आसान है?

मोती की खेती की प्रक्रिया आसान है, लेकिन इसमें बहुत धैर्य, कड़ी मेहनत, पैसा और गुणवत्ता वाले मोती पैदा करने के लिए बहुत अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है.

तीसरा मोती की खेती में कितना समय लगता है?

तीसरा की खेती शुरू करने में कम से कम एक महीने का समय लगेगा. मोती उगाने में कम से कम छह महीने लगेंगे, और अच्छी गुणवत्ता और अ’छे आकार के लिए बारह से चौबीस महीने लगेंगे

आपके मन में इस बिजनेस को लेकर कुछ उत्सुकता बनी होगी. अब बात यह आती है आर्टिफिशियल रूप से अच्छी गुणवत्ता वाले मोती उगाना संभव है, और इसका उत्तर हां है. मसल्स खरीदकर आर्टिफिशियल मोती विकसित करने की इस प्रक्रिया को मोती की खेती कहा जाता है, जो एक प्रकार की कृषि मेथड है.

ट्रेनिंग से बिजनेस की प्रक्रिया को समझा सकता है

इंटरनेट पर विशाल जानकारी और विशाल तकनीकी विकास की उपलब्धता के कारण, एक नया बिजऩेस शुरू करना आसान है. लेकिन इसे शुरू करने से पहले आपको सरकारी संस्थान सीफा (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेशवाटर एक्वाकल्चर) से ट्रेनिंग लेनी चाहिए.

लागत और लाभप्रदता

बाजार से एक सीप की कीमत आपको लगभग 20 रू. से 30 रू. तक होगी, जबकि हम बाजार में सीप के मोती 300 से 1,500 की कीमत सीमा में बेच सकते हैं जो कि मोती के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पर निर्भर करता है.

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काका खबरीलाल

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