
रायपुर(काकाखबरीलाल)। केंद्र सरकार के धान खरीदी को लेकर चल रहे रार के बीच जिस धान को सरकार ने बोनस समेत 2500 रुपए प्रति क्विंटल में खरीदा था, वह उसे 1100 से 1200 रुपए में बेचने को मजबूर है। अतिशेष धान का राज्य सरकार ई ऑक्सन कर रही है। बेस प्राइस 2035-2057 रुपए रखी गई है। लेकिन प्रदेश के किसी समिति में ई ऑक्सन में सरकार को धान का सही दाम नहीं मिल रहा है। बिलासपुर संभाग के जांजगीर, मुंगेली समेत अन्य जिलों में सरकार धान बेचने को मजबूर है। बता दें सरकारी धान खरीदी समाप्त होने के बाद भी खरीदी केंद्रों पर बड़ी तादाद में धान जाम पड़ा है। बिलासपुर जिले में गुरुवार को लगभग 38 हजार क्विंटल धान की बोली लगाई गईं। करगीरोड में लगभग 25 हजार क्विंटल मोटे धान की बोली 1251 रुपए तक लगाई गई। बीजा समिति में पतले धान का लगभग 13 हजार क्विंटल धान का लॉट रहा। इसकी बोली मिलर्स ने 1325 रुपए तक लगाई। बुधवार को मोटे धान की बोली राइस मिलर्स ने 11 सौ रुपए प्रति क्विंटल लगाई थी।राज्य की कांग्रेस सरकार और केंद्र के बीच 3 साल से धान खरीदी पर विवाद है। केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक धान पर बोनस नहीं दिया जा सकता। इससे बचने के लिए राज्य ने इस बार राजीव गांधी किसान सम्मान निधि का रास्ता चुना। नतीजतन केंद्र ने कोटा घटा दिया।



























