पिथौरा: लोगों की जान बच जाए यहीं भावना से श्याम लाल ने 100 बार किया रक्तदान

स्थानीय विकासखण्ड के ग्राम जबलपुर का 58 वर्षीय श्यामलाल पटेल अब तक 100 बार रक्तदान कर रक्तदान के लिए एक उदाहरण बन कर उभरे है। घर के मुखिया से प्रेरणा लेकर अब इनका पूरा परिवार रक्त दान कर दुखी बीमारों की सेवा में जुटा है।
विकासखण्ड के ग्राम जबलपुर के श्यामलाल पटेल के रक्तदान करने का सिलसिला अब भी जारी है। अब श्री पटेल युवाओं के लिए एक प्रेरणाश्रोत बन कर उभरे है। इस सम्बंध में अधेड़ उम्र में पहुच चुके श्री पटेल ने बताया कि सन 1993 में उन्होंने अपने ग्राम के एक बीमार बच्चे को अपना रक्त दिया था, जिससे उनकी जान बच गयी था। इसके बाद उन्हें रक्तदान कर किसी का जीवन बचाने में आनंद की अनुभूति होने लगी। लिहाजा वे जहां भी उन्हें पता लगता कि उनके रक्त ग्रुप 0 पॉजिटिव की आवश्यकता है, वे स्वयम के खर्च से दुपहिया चलते पहुंच कर रक्त दान करते थे। अब उनका अनुसार उनका परिवार भी कर रहा है। उनके एक मात्र पुत्र ने भी रक्तदान प्रारम्भ कर दिया है और अब तक कोई दर्जन भर लोगों की जान अपने रक्तदान से बचा चुके है।
छग रक्त दान सेवा समिति का प्रयास
श्री पटेल ने बताया कि वे छ ग रक्तदान सेवा समिति के सदस्य भी है।समिति के अध्यक्ष जयंतीलाल अग्रवाल है जिन्होंने अपने सभी सदस्यों का उत्साह बढ़ाया और रक्तदान के लिए प्रेरित किया।इस सम्बंध में समिति के अध्यक्ष जयंती लाल अग्रवाल ने इस प्रतिनिधि को बताया कि उनकी समिति में पूरे प्रदेश स्तर पर सदस्य है। जब भी किसी माध्यम से पता चलता है कि किसी मरीज का जीवन रक्त के कारण संकट में है। वे तत्काल स्वयम भी रक्त दान करते है और ग्रुप के अनुसार सदस्यों के मोबाइल नम्बर से उन्हें दान करने की जानकारी देते है। श्री अग्रवाल ने यह भी बताया कि अब सीधे रक्त दान में हो रही दिक्कतों को देखते हुए उनके सदस्य किसी रक्तदान शिविर या ब्लड बैंक जाकर रक्त दान करते है।























