ब्रेन हेमरेज के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, समय पर इलाज से बच सकती है जान

बसना । ब्रेन हेमरेज एक गंभीर चिकित्सीय आपातस्थिति है, जिसमें कुछ मिनटों की देरी भी मरीज के लिए जीवनभर की परेशानी या जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब मस्तिष्क की रक्त वाहिका (नस) फट जाती है, तो मस्तिष्क में रक्तस्राव होने लगता है, जिससे ब्रेन सेल्स तेजी से क्षतिग्रस्त होने लगते हैं।
न्यूरोसर्जन डॉ. वैभव धवली ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक तेज सिरदर्द, बोलने में कठिनाई, चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी या दौरे जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज न करें। ऐसे मामलों में तुरंत न्यूरोसर्जन से परामर्श लेना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार उच्च रक्तचाप, सिर में चोट, धूम्रपान तथा ब्लड थिनर दवाओं का सेवन ब्रेन हेमरेज का जोखिम बढ़ा सकता है। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है।
अग्रवाल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बसना में न्यूरोसर्जरी की सेवाएं उपलब्ध हैं, जहां ब्रेन हेमरेज सहित मस्तिष्क संबंधी रोगों के उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि चेतावनी संकेत दिखने पर बिना देरी किए विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।





























