एक वोट से बची सरपंच मनोज सिन्हा की कुर्सी, ठाकुरदिया में फूटा जनाक्रोश; देर रात तक तहसील का घेराव

नंदकिशोर अग्रवाल , काकाखबरीलाल@ पिथौरा। 13 मत अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में, 4 सरपंच के समर्थन में; एक मत निरस्त होने पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
पिथौरा नगर -। ग्राम पंचायत ठाकुरदिया के सरपंच मनोज सिन्हा के विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव एक वोट के अंतर से पारित नहीं हो सका। मतदान में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 13 मत पड़े, जबकि सरपंच के पक्ष में 4 मत मिले। एक मत निरस्त होने के कारण प्रस्ताव आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सका और सरपंच मनोज सिन्हा अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे।
परिणाम घोषित होते ही ग्राम पंचायत ठाकुरदिया सहित पूरे क्षेत्र में माहौल गरमा गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच को अविश्वास प्रस्ताव से बचने के लिए पांच मतों की आवश्यकता थी, जबकि उनके पक्ष में केवल चार मत ही पड़े। उनका दावा है कि एक वैध मत को जानबूझकर निरस्त कर दिया गया, जिसके कारण अविश्वास प्रस्ताव आवश्यक बहुमत तक नहीं पहुंच सका। ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम को संदेहास्पद बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण लगातार तहसीलदार और एसडीएम को मौके पर बुलाने तथा मतदान प्रक्रिया और निरस्त मत के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने की मांग करते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अधिकारी मौके पर आकर स्थिति स्पष्ट करें, ताकि विवाद समाप्त हो सके। ग्रामीणों के अनुसार, शाम करीब 7 बजे तक न तो तहसीलदार और न ही एसडीएम प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। इसके बाद भी ग्रामीण देर रात तक तहसील परिसर में डटे रहे और न्याय की मांग करते रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पंचायत के अधिकांश निर्वाचित प्रतिनिधियों ने सरपंच के खिलाफ मतदान किया है, इसलिए पूरे मतदान की पारदर्शिता की जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच यह मतदान संपन्न हुआ है जिसमें पिथौरा टीई सिद्धार्थ मिश्रा एवं सांकरा टीई उत्तम तिवारी मतदान स्थल पर डटे रहे।
समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों के आरोपों पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं, सरपंच मनोज सिन्हा का पक्ष भी प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

































