बिहान योजना से बदली कांति साहू की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’

कोरिया। जिले के बैकुण्ठपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम तलवापारा की श्रीमती कांति साहू ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं के सहयोग से कई सफल व्यवसाय स्थापित कर आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बनाई है।
कांति साहू करीब तीन वर्ष पहले शारदा महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह के माध्यम से उन्हें बचत, व्यवसाय प्रबंधन और स्वरोजगार की जानकारी मिली। बाद में बैंक लिंकेज, एसवीईपी योजना और मुद्रा ऋण के जरिए उन्हें लगभग 4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने अपने व्यवसायिक सपनों को साकार किया।
उन्होंने दोना-पत्तल निर्माण, धान कृषि बीज केंद्र, मैचिंग सेंटर और सिलाई केंद्र जैसे कई स्वरोजगार शुरू किए। इस दौरान उनके पति महेन्द्र साहू का भी उन्हें भरपूर सहयोग मिला। आज उनके व्यवसायों का मासिक कारोबार 1 से 1.5 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जबकि शुद्ध मासिक आय 30 से 35 हजार रुपये है। इस प्रकार उनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक हो गई है।
आर्थिक रूप से सशक्त बनने के साथ ही कांति साहू गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल भी स्थापित कर सकती हैं।































