जटिल प्रसव में मां और नवजात की बची जान, शुभा नर्सिंग होम की त्वरित चिकित्सा से मिला नया जीवन

सरायपाली। समय पर उपचार और चिकित्सकों की तत्परता ने एक जटिल प्रसव के दौरान मां और नवजात शिशु की जान बचा ली। बनोभाठा निवासी किशोर बरेहा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी नीलांडी बरेहा को प्रसव के लिए सरायपाली स्थित शुबा नर्सिंग होम में भर्ती कराया था।
उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय उनकी पत्नी की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। गर्भ का पूरा पानी निकल चुका था, बच्चा गर्भ में फंस गया था तथा गर्भ में मेकोनियम (शिशु का मल) होने के कारण नवजात के जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था। वहीं प्रसूता का हीमोग्लोबिन भी केवल 7 ग्राम था।
अस्पताल के चिकित्सकों ने देर रात बिना समय गंवाए तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। विशेषज्ञ डॉक्टरों, एनेस्थीसिया टीम और नर्सिंग स्टाफ ने समन्वित प्रयास करते हुए सफल सिजेरियन ऑपरेशन किया। इस दौरान शुबा ब्लड एंड कंपोनेंट्स सेंटर से तत्काल चार यूनिट रक्त की व्यवस्था की गई, जिनमें से दो यूनिट रक्त प्रसूता को चढ़ाया गया।
किशोर बरेहा ने बताया कि डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और रक्तदाताओं के सहयोग से उनकी पत्नी और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। उन्होंने सभी चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन और स्वैच्छिक रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से उनके परिवार को नया जीवन मिला है।
इस अवसर पर उन्होंने लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील भी की। उनका कहना है कि रक्तदान का एक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज की जान बचाने के साथ पूरे परिवार की खुशियां भी लौटा सकता है।






























