बिना प्रस्ताव काम कराने के आरोप में ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव को घेरा.

हरिकेश भोई,काकाखबरीलाल/पिथौरा: पिथौरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पिरदा में गुरूवार को हुई ग्राम सभा में कई मुद्दों पर चर्चा की गई. ग्राम सभा के दौरान सबसे पहले सभी ग्रामीणों ने मिलकर पूर्व प्रधानमंत्री माननीय स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रधांजलि दी और 2 मिनट का मौन धारण किया. जिसके बाद स्वछता, बाजार से लेने वाले कर, विद्यालय के पास स्थित शराब दुकान, कई दुकानों से किराया नहीं लिए जाने के संबंध में चर्चा हुई. जिसमे सबसे बड़ा आरोप जो ग्रामीणों ने सरपंच व सचिव पर लगाया वह बिना पंचायत प्रस्ताव के निजी राशि से भवन का निर्माण कार्य कर लोगों को देने का है.

स्वछता का आभाव
ग्रामीणों ने स्वछता को लेकर ग्राम सभा में कहा कि हमारे गाँव में ना तो नालियों की सफाई हो रही है ना ही बाजार की, आसपास गन्दगी और नालियों में पानी भर जाने की वजह से बहोत मच्छर हो गए है जिसकी वजह से डेंगू जैसे बिमारियों का खतरा मंडरा रहा है.
वहीं सरपंच का कहना था कि गांव में साफ सफाई के लिए सफाई कर्मी नहीं जुट पा रहे है जिसके चलते ऐसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. जल्द ही इसके लिए सफाईकर्मी की व्यवस्था की जाएगी और लोगों को इससे निजाद मिलेगा.
पंचायत की आय को लेकर पूछा गया सवाल
ग्रामीणों ग्राम सभा में पंचायत की आय को लेकर सवाल पूछा कि पंचायत द्वारा कितनी दुकाने किराय पर दी गई है और कितने लोग किराय देते है ग्रामीणों का आरोप था कि बिना किराया दिए ही बहोत से लोग पंचायत भवन में टीके हुए है और पंचायत की तरफ से उन्हें वह भवन खाली भी नहीं कराया जा रहा है. साथ ही कहा गया कि बिना पर्ची दिए बाजार में कुछ लोग पंचायत की तरफ से कर वसूल रहे है.
सरपंच ने कहा कि सरकार द्वारा बाजार से कर हटा दिया गया है लेकिन पंचायत अपनी आय के लिए 24 हजार रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से बाजार को ठेका दिया है. साथ ही पंचायत द्वारा 400 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 14 कमरों को किराय पर दिया गया है और जो भवन का किराया नहीं दे रहे है उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है.
पंचायत भवन से शराब दुकान हटाने की मांग
ग्रामीणों ने पंचायत द्वारा दिए भवन में चल रहे शराब को हटाने की मांग की है ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत द्वारा जो भवन शराब दुकान को संचालित करने हेतु दिया गया है वह गाँव के बीच में है और उसी रास्ते से होकर छात्र विद्यालय अथवा महाविद्यालय पहुँचते है जहाँ शराबियों के जमावड़े से विधार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आये दिन शराबी सड़कों में शराब पीकर माहौल बिगाड़ते है और शराब की बोतलें इधर उधर फ़ेंक देतें है जिसके चलते समाज में बुरा प्रभाव पड़ रहा है.
सरपंच ने कहा कि शराब बंदी सरकार द्वारा पुरे प्रदेश में की जानी चाहिए.
बिना प्रस्ताव निजी राशि से भवन का निर्माण का आरोप
ग्रामीणों ने सभा में बताया कि बिना प्रस्ताव के सरपंच ने पंचायत की जगह पर जो भवन था उसे तोडवा दिया और कुछ लोगों से पैसे लेकर वहां उन्हें देने के लिए नए भवन बना दिए

इस पर सरपंच ने कहा कि वहां जो भवन था वह पूरी तरह से जर्जर हो चूका था. कभी भी उसके गिरने की संभावना थी इसलिए उसे तोड़ दिया गया नहीं तो वहां लोगों द्वारा अतिक्रमण करने की संभावना बन जाती. चुकि भवन निर्माण के लिए पंचायत के पास पैसा नहीं था इसलिए कुछ लोगों से जो वहां भवन किराय पर चाहते थे उनसे पगड़ी के तौर पर ढाई लाख रुपये लेकर भवन का निर्माण कराया गया और भवन बनने के बाद का इसका विरोध लोगों ने किया जिसके चलते जिन्होंने यहाँ पैसे लगाये है उन्हें आज तक ये भवन उपब्ध नहीं हो पाए है.
































