महासुमंद

महासमुंद : जिले के इस जगह की मिट्टी लगाने से ठीक हो रहे त्वचा रोग, लोग मान रहे चमत्कार

दो साल से पैरों में बेंगची-खुजली से परेशान बुजुर्ग ने खेत की मिट्टी लगा ली. राहत मिली तो दूसरे दिन वहीं जाकर फिर मिट्टी को लगा लिया. उन्हें विश्वास होने लगा कि मिट्टी में जरूर कुछ है. उसने इसे भगवान की कृपा समझा और वहीं बैठकर प्रार्थना करने लगा. इसी बीच महुए के पेड़ के नीचे जहां वह बैठा था उस जगह को साफ करने लगा. पेड़ की जड़ में एक पत्थर दिखा. उनका विश्वास बढ़ता गया और उन्हें लगा कि भगवान शिव अवतरित हुए हैं और इसी कारण उनकी बीमारी ठीक हुई है. वह गांव लौटा और लोगों को पूरी बात बताई. अब यह विश्वास आस-पास के गांव में इस तरह फैला कि बोरवेल के पास का यह खेत आस्था का समुद्र बन गया. सोशल मीडिया ने रही सही कसर पूरी कर दी.

खुजली दूर होने से शरू हुआ यह विश्वास अब चमत्कार बनकर लकवा, हड्डी दर्द ठीक होने से लेकर तमाम तरह के रोगों व दिक्कतों को दूर करने वाला बनकर प्रचारित होने लगा. अब आस-पास के प्रांतों से लोग पहुंचने लगे हैं. अब जितनी मुंह उतनी बातें. किसी ने किसी को ठीक होते देखा नहीं, सुनने की बात करते हैं और सुनकर आने की बात करते हैं. हम बात कर रहे हैं महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक से महज 6 किलोमीटर दूर गांव किशनपुर की. जो इन दिनों अचानक लोगों की आस्था का केंद्र बन गया है. सुबह होते ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगती है. लोग अपनी मन्नत लेकर पहुंचने लगे हैं. खासकर सोमवार को जिसे शिव पूजा का विशेष दिन माना जाता है. नारियल और चढ़ावा चढ़ने लगा, अब मंदिर बनाने की तैयारी भी होने लगी है.

आस-पास नारियल के ढेर
एक महुआ पेड़ के नीचे एक पत्थर पर गुलाल लगाकर फूल मालाएं चढ़ी हैं. आस-पास नारियल के ढेर और रुपए का चढ़ावा भारी मात्रा में दिखाई दे रहा है. आज दशों दिशाओं से तमाम तरह के दुश्वारियों से थका हारा, ठुकराया, लुटा-पिटा, बेबस-लाचार आम इंसान के सामने बस चमत्कार की उम्मीद रह गई है. शायद यही वजह है कि किसी चमत्कार की बात सुनकर ही लोग किसी चमत्कार से अपना जीवन संवारने पहुंच रहे हैं. सबसे बड़ा चमत्कार तो यह कि यहां दुकानें सजने लगी हैं, मेला भरने लगा है. लोगों को रोजगार मिलने लगा है.

व्यवस्था में जुटा खेत मालिक का परिवार
किशनपुर के लिंगराज प्रधान परिवार के खेत में ही कथित शिवलिंग प्रकट हुए हैं. अब इस स्थान पर बकायदा दिन भर भजन बजते रहते हैं. लिंगराज प्रधान और वासुदेव बारीक ने बताया कि जिस स्थान पर वर्तमान में शिवलिंग की पूजा हो रही है वहां पर खेत था और धान लगा था. आज से करीब ढाई माह पूर्व ग्राम का ही शौकीलाल सेठ अपने शरीर की बीमारी से परेशान होकर इनके खेत के पास आया और अपने खुजलीयुक्त पैरों में मिट्टी लगाई और वहीं बैठकर शिवजी का ध्यान करने लगा. बाद वापस घर आ गया. सुबह उसने अपना पैर देखा तो उसमें दर्द नहीं था और खुजली भी कम हो गई थी.

बाद दूसरे दिन भी शौकी ने इसे दोहराया और आस-पास देखा तो एक महुआ पेड़ के नीचे जाले लगे थे जिसे हटाया तो उन्हें एक छोटा सा शिवलिंग की तरह पत्थर दिखा. इस घटना की जानकारी जब वासुदेव ने गांव में बताई तब ग्राम के ही कुछ युवकों ने कथित शिवजी प्रकट होने की बात लिखकर सोशल मीडिया में डाल दी. धीरे-धीरे यह बात सोशल मीडिया पर इतनी तेजी से वायरल हुई कि दुखों से परेशान लोग यहां पहुंचने लगे. अब हालात यह हो गए हैं कि प्रतिदिन हजारों की भीड़ इस कथित शिवलिंग के दर्शन के लिए पहुच रहे हैं.

मुझे भोलेनाथ ने ठीक किया : शौकी
किशनपुर के शौकीलाल सेठ से जब इस प्रतिनिधि को बताया कि वे अपने पैरों में कुछ चकते होने से खुजला-खुजला कर परेशान थे. दर्द भी था. इसी बीच वासुदेव के खेत के पास की मिट्टी लगाई तो ठीक होने लगा और वहां महुआ पेड़ के नीचे स्वमेव प्रकट शिव जी ने उन्हें ठीक कर दिया है. उन्होंने बताया कि गांव के और लोग भी अपनी बीमारी लेकर गए थे, सभी को आराम हो गया.

हजारों की भीड़, झारखंड और ओडिशा से भी पहुंचे लोग
झारखंड और ओडिशा से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया से पता चला कि पिथौरा के समीप शिवजी प्रकट हुए हैं. इसलिए हम यहां दर्शन कर अपनी मन्नतें लेकर आए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि लोग यहां के दर्शन मात्र से ठीक हो रहे हैं, पर इस प्रतिनिधि के यह पूछने पर कि कौन ठीक हुआ है जानते हो, तब उन्होंने कहा कि ऐसा उन्होंने सुना है.

महकम और मेटकुला में भी हो चुका ऐसा
ज्ञात हो कि उक्त तरह का कथित चमत्कार इस क्षेत्र में लगातार हो रहे हैं. करीब 3 वर्ष पहले सोनाखान के पास ग्राम महकम में भी इसी तरह भगवान प्रकट होने की अफवाह से लगातार दो-तीन माह प्रतिदिन हजारों की भीड़ जुटती थी. इसके बाद दो वर्ष पूर्व बया के समीप भी एक कथित चमत्कार में घुटना और कमर दर्द ठीक होने की अफवाह फैली थी.

ट्रक भर नारियल और प्रतिदिन 10 हजार चढ़ावा
यहां दर्शनार्थी मुक्त हस्त से दान कर रहे हैं. भाजपा नेता संपत अग्रवाल ने 1.11 लाख रुपए का दान किया. इसके अलावा प्रतिदिन करीब 10 हजार रुपए चढ़ोतरी के आ रहे हैं. इस चढ़ोतरी को दूसरे दिन शिवलिंग की देख-रेख वाले भोजराज बारीक, देवराज बारीक, दुबराज गजराज सहित कुछ ग्रामीणों के साथ बैंक में जमा करवा रहे हैं. जिसका भविष्य में इस स्थान पर मंदिर बनवाने की योजना है.

मिट्टी में होते हैं ऐसे गुण की दाद-खुजली भी हो जाती है ठीक
प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. लालबहादुर महांती ने बताया कि उन्होंने स्थल देखा है. वहां के खेत में काली और लाल चिकनी मिट्टी है. प्राकृतिक चिकित्सा में मिट्टी के लेप का काफी महत्व है. मिट्टी के लेप से अनेक चर्म रोग ठीक होते हैं, लिहाजा शौकी के पैरों में चर्म रोग है जो कि प्राकृतिक चिकित्सा के सिद्धांतों के तहत ठीक हो रहे हैं, यह कोई चमत्कार नहीं है.

मिट्टी से चर्म रोग ठीक होना संभव : डॉ. तारा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. तारा अग्रवाल ने बताया कि शौकी को कुष्ठ रोग नहीं होगा. उसे कोई चर्म रोग खुजली वगैरा हो सकता है, जो कि मिट्टी लेप से ठीक होना संभव है. पर कुष्ठ रोग मात्र दवाओं से ही ठीक होगा.

गंधक से ठीक होते हैं चर्म रोग : पटेल
स्थानीय कृषि अधिकारी डीपी पटेल ने बताया कि उक्त मामले में जिस खेत से मिट्टी लेकर लगाई गई होगी उस खेत की मिट्टी सल्फर वाली होगी या खेत में सल्फर खाद का उपयोग किया गया होगा. सल्फर चर्म रोग ठीक करने में भी उपयोगी है. बहरहाल, इस प्रतिनिधि ने पूरे मामले को देखा-समझा-जाना कि यह मात्र आस्था का ही मामला है, कोई चमत्कार नहीं. जब राजनीति से जुड़े लोग भी जुड़ने लगते हैं तो लोगों की आस्था को और बल मिलता है और बढ़ने लगता है. विश्वास, आस्था बनकर उमड़ने लगती है और चमत्कार का अंधविश्वास लोगों में घर करने लगता है.

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काका खबरीलाल

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