
काकाखबरीलाल:-मंगलवार को मौसम ने करवट ली। दिन में तेज धूप निकलने के साथ ही शाम करीब साढ़े चार बजे से काले बादलों ने डेरा जमाना शुरू कर दिया। धूल भरी तेज हवाएं चलने लगी। काले बादल और धूल भरी हवा के कारण घना अंधेरा छा गया। हवा चलने के साथ मेघ गर्जन व बारिश होने लगी। तेज हवा और बारिश ने गर्मी से आहत लोगों को राहत पहुंचाई।
तेज हवा से धान को भारी नुकसान
आंधी पानी ने जहां लोगों को राहत पहुंचाई वहीं कई लोगों के अरमान भी हवा के साथ बह गए। इस दौरान क्षेत्र में बेमौसम बारिश व तेज हवा के कारण रबी फसल के तहत खेतों में लगाए गए धान के पौधे झुक गए हैं।इसी तरह तूफान व बारिश का सिलसिला चलता रहा तो धान की फसल पूरी तरह लेट जाएगी। फसल लेटने के बाद उसे काटते समय काफी परेशानी होगी, क्योंकि फसल लेटने के बाद न तो उसे मजदूरों द्वारा हाथ से काटते बनता है और न ही हार्वेस्टर व अन्य उपकरणों के माध्यम से सहज कटाई बनता है। एेसे में किसानों को फसल काटने व मिंजाई के लिए अतिरिक्त भार मजदूरी व मशीन पर क्रय करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान होने के अलावा और कुछ नजर नहीं आ रहा है। बहरहाल नुकसान को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।
हवा के झोंको से झड़े धान के फूल
पिरदा|मनीष नायक, नर्सिंग पटेल,ने बताया की रबी की फसलों पर खराब मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। बेमौसम बारिश व तूफान ने खेतों में खड़े धान के लहलहाते फसलों को गिरा दिया। इसका सबसे बुरा असर बालियां निकल रहे पौधों पर पड़ा है। पानी और हवा के झोंको के कारण धान के फूल झड़ गए।































