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छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय ओपन शतरंज स्पर्धा आदित्य स्कूल बसना में संपन्न

महासमुंद। जिला शतरंज संघ महासमुंद एवं फुलझर चेस एसोसिएशन बसना के संयुक्त तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय ओपन शतरंज स्पर्धा आदित्य स्कूल बसना में संपन्न हुई। समापन अवसर पर नया रायपुर के डिप्टी कलेक्टर विश्वास मेश्राम मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर जिला शतरंज के सचिव पेरी चंद्रशेखर ने की। विशिष्ट अथिति के रूप में रायपुर के राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी शरद उइके, आदित्य स्कूल के प्राचार्य जगन्नाथ मिश्रा, शैलेन्द्र नायक, एम के साहू, उदय बेहरा ने गरिमामयी उपस्थिति दी। इस स्पर्धा में धमतरी, जांजगीर- चांपा, रायगढ़, बलौदाबाजार, कोरबा, रायपुर, दुर्ग ,बिलासपुर, सरगुजा एवं महासमुंद जिले से 80 खिलाड़ियों ने भागीदारी की थी जिसमें से कई राज्य चैम्पियन सहित 33 अंतरराष्ट्रीय वरीयता प्राप्त खिलाड़ी शामिल थे। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के अवसर पर मुख्य अतिथि विश्वास मेश्राम ने कहा कि चेस एक फिलॉसफी है, यह हमें तर्क करना सिखाता है। इसलिए हमें जीवन जीने के लिए इससे रणनीति बनाना सीखना चाहिए। राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी शरद उइके ने जिला शतरंज संघ के कार्यों की सराहना की तथा अंचल में इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए आयोजन समिति को बधाई दी। पेरी चंद्रशेखर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन शतरंज की महत्ता को रेखांकित करते कहा कि शतरंज हमे अनुशासित रहना सिखाता है। निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। शतरंज हमारे व्यक्तित्व विकास में सहायक है। उद्बोधन समाप्ति पश्चात प्रतियोगिता संचालक हेमन्त खुंटे को शतरंज के क्षेत्र में विगत दो दशको से समर्पित ढंग से कार्य करने के लिए मुख्य अतिथि डिप्टी कलेक्टर विश्वास मेश्राम ने प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि 15 माह के भीतर जिला शतरंज संघ के सचिव हेमन्त खुंटे के नेतृत्व में राज्य स्तर पर यह पाँचवां आयोजन था। फुलझर क्षेत्र में शतरंज को बढ़ावा देने संघ के सचिव क्षीरोद्र पुरोहित को जिला शतरंज संघ महासमुंद ने स्मृति चिन्ह एवं 1000 रुपये की नगद राशि देकर सम्मानित किया। अंतरराष्ट्रीय नियमानुसार 8 चक्रों में खेले गए इस रोचक व कठिन मुकाबले में रेलवे के विनोद शर्मा ने 7 अंक बटोरकर राज्य चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इसी तरह से 7 अंक अर्जित कर भिलाई के एस धनंजय दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान रजनीकांत बख्शी राजनांदगांव ( 6.5 अंक), चौथे स्थान पर कार्तिकेश्वर प्रसाद मैत्री (6 अंक) एवं पांचवे स्थान पर रायगढ़ के ही खिलाड़ी शुभम सिंह (6 अंक ) रहे। सभी प्रथम पांच खिलाड़ियो को क्रमशः 10000रुपये, 7000 रुपये, 5000 रुपये, 3000 रुपये, 2000 रुपये की नगद राशि, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र प्रदाय किये गए। मुकाबला कितना कठिन था इसका अंदाजा अंक तालिका देखकर लगाया जा सकता है कि कोई भी खिलाड़ी उक्त स्पर्धा में 8 अंक नही जुटा पाएं। इसके अतिरिक्त अन्य 7 खिलाड़ियो को भी ख़िताबो से नवाजा गया जिनके नाम इस प्रकार है – मनीष थदानी महासमुंद ( बेस्ट प्लेयर महासमुंद), क्षीरोद्र पुरोहित ( बेस्ट प्लेयर बसना) शफीक अहमद खान महासमुंद( बेस्ट दिव्यांग प्लेयर), आर के गुप्ता बिलासपुर( सीनियर सिटीजन), अविन्य मोहन सिंह सरगुजा (बेस्ट स्कूल प्लेयर)प्रवीण विश्वकर्मा महासमुंद ( यंगेस्ट प्लेयर )। इन सभी खिलाडियों को भी 1000 रुपये की नगद राशि, प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी अथितियों द्वारा मंच पर देकर सम्मानित किया गया। आदित्य कृष्ण रायपुर, यसश्व अनिल कोनहोल्कर दुर्ग,राहुल शर्मा दुर्ग, सिमर दीप रायगढ, कनिष्का त्रिपाठी दुर्ग, महक माथुर दुर्ग, चंदन विश्वकर्मा महासमुंद, पार्थ चितलांगिया राजनांदगांव, जिया ध्रुव महासमुंद, अदिति खांडेकर बलौदाबाजार, आयुष पांडेय बिलासपुर को भी स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मेडल पहनकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता संचालक एवं जिला शतरंज संघ के सचिव हेमन्त खुंटे ने जानकारी देते हुए बताया कि संघ आने वाले नए वर्ष में एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पांच दिवसीय “राज्य स्तरीय शतरंज का निशुल्क प्रशिक्षण” आयोजित करेगा ताकि जिले एवं प्रदेश से अधिकाधिक संख्या में रेटेड खिलाड़ी तैयार किया जा सके।

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Devesh Hindustani

Reporter of kakakhabarilaal

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