फसल मा रोग व छाए ,बादल ले किसान हावे निराश

-छतरसिग पटेल
काकाखबरीलाल(सरायपाली)। ऐ बेरा बदलत मौसम अऊ छाऐ बादल ले किसान मन बहुते परेशान हावे. वही दुसर तरफ खेत मा धान के फसल मा बड़ मात्रा मा रोग देखे बर मिलत हावे दो बार दवाई के छिड़काव करे के बाद भी रोग खत्म नि होवत हावे आस पास के चकरदा, नुनपानी, मुंधा, केदुमुडी़ अमरकोट, मोहदा,नवरंगपुर सहित अनेकों गाँव मा ऐसे महौल बने हावे वही दुसर तरफ बीच बीच होवत बरसा ले धान के फसल ला काफी नुकसान होवत हावे. जेकर ले किसान मन बहुते दुखी हावे, कमाई के आधा हिस्सा तो फसल मा दवाई छिड़काव मा खत्म हो जाथे बाकी जोन बचथे बाकी लुवाई, ढोवाई, मा खत्म हो जाथे पहली समय मा आजीविका के प्रमुख साधन रहिस लेकिन आज के बदलथ स्वरूप मा सहायक ब्यवसाय बन गये हावे खेती, साथ मा अऊ कछु काम करना पड़त हावे तभी परिवार के भरण पोषण होवत हावे. जेकर ले भारतीय कृषि ला मानसून के जुवा कहा जाथे. जे बछर अच्छा बारीश होथे ओ साल अच्छा फसल होथे जे बेरा कम बारीश होथे ओ साल कम फसल होथे।


























