महासमुंद:समावेशी विकास और आधुनिक अधोसंरचना पर आधारित होगा तुमगांव का भविष्य

महासमुंद। तुमगांव निवेश क्षेत्र विकास योजना प्रारूप 2041 को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सांसद रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2041 तक क्षेत्र के समग्र एवं सतत विकास के लिए तैयार किए गए प्रारूप विकास योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, नगर निवेश अधिकारी विनीत नायर, नगर पंचायत अध्यक्ष बलराम कांत साहू, जनपद अध्यक्ष दिशा दीवान, विधायक प्रतिनिधि दिव्यांग पांडेय, उप पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय सहित आसपास के ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे।
नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि वर्ष 2025 को आधार वर्ष मानते हुए तुमगांव निवेश क्षेत्र के लिए वर्ष 2041 तक की विकास कार्ययोजना तैयार की गई है। इस निवेश क्षेत्र में तुमगांव नगर पंचायत सहित 11 ग्राम पंचायतें शामिल हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 19,879 तथा कुल क्षेत्रफल 5,045 हेक्टेयर है।
योजना के अंतर्गत बेन्द्रीडीह विरान, कौआझर, चोरभट्ठी, नवापारा, परसदा, कौंदकेरा, बनसिवनी, सोरिद, अमावस, गोपालपुर एवं भोरिंग ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि निवेश क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, कृषि संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य के समन्वय से एक जीवंत एवं सतत क्षेत्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रारूप योजना में स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन, कौशल विकास, आर्थिक विविधीकरण, सामाजिक समावेशिता, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।
सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि विकास योजना समावेशी, दीर्घकालिक और जनभावनाओं के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि निवेश क्षेत्र में शामिल प्रत्येक ग्राम पंचायत को मास्टर प्लान की प्रति उपलब्ध कराई जाए ताकि स्थानीय स्तर पर अध्ययन कर आवश्यक सुझाव दिए जा सकें।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि तुमगांव विकास योजना 2041 का उद्देश्य वर्तमान स्वरूप को बनाए रखते हुए लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना तथा पारंपरिक और आधुनिक नियोजन तकनीकों का समावेश करना है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बसाहट की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। प्राप्त सुझावों को शामिल करने के बाद योजना को संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, इंद्रावती भवन को भेजा जाएगा।






























