सरायपाली:14 वर्षों के संघर्ष और ऐतिहासिक जीत की याद में सवरा समाज ने मनाया विजय दिवस

सरायपाली। अपने संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए 14 वर्षों तक चले संघर्ष और ऐतिहासिक सफलता की याद में सवरा समाज ने 1 नवंबर को विजय दिवस धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी, युवा, महिलाएं एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2003 से 2017 तक जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं होने के कारण सवरा समाज के लोग अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रहे। इसका सबसे अधिक असर समाज के शिक्षित युवाओं के भविष्य पर पड़ा। जाति प्रमाण पत्र के अभाव में अनेक युवा रोजगार एवं शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे। इस समस्या के समाधान के लिए समाज ने एकजुट होकर निर्णायक आंदोलन का रास्ता अपनाया।
इसी कड़ी में 1 नवंबर 2017 को सरायपाली में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर सवरा समाज द्वारा ऐतिहासिक चक्काजाम किया गया। आंदोलन में बुजुर्गों से लेकर महिलाओं, युवाओं और बच्चों तक ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। समाज की एकजुटता और आंदोलन के दबाव के बाद शासन-प्रशासन ने मांगों को जायज मानते हुए जाति प्रमाण पत्र जारी करने तथा इस संबंध में राजपत्र में शामिल करने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ। इसी ऐतिहासिक सफलता की याद में समाज प्रतिवर्ष 1 नवंबर को विजय दिवस मनाता है।
मां शबरी की पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
विजय दिवस समारोह की शुरुआत प्रातः मां घंटेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके पश्चात गोड़वाना भवन में समाज की आराध्य देवी माता शबरी की विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान समाज के प्रबुद्धजनों एवं पदाधिकारियों ने समाज की प्रगति, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति और संगठन की मजबूती पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में समाज के संरक्षक जयदेव भोई, प्रांताध्यक्ष पी.एल. सिदार, सेवानिवृत्त तहसीलदार कृतिवास भोई, महामंत्री विराट भोई, फनिंद्र भोई, सीएमओ सूरज सिदार, जिला कोषाध्यक्ष रोशन भोई, रायगढ़ जिला अध्यक्ष सम्पूर्ण सिदार, कोषाध्यक्ष युवराज रावल एवं प्रांतीय सचिव चिंतामणि भोई सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, शिक्षा और जागरूकता में निहित है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने, नशे से दूर रहने, सामाजिक कुरीतियों को त्यागने तथा संगठित होकर समाज को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
वरिष्ठजनों एवं गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर प्रांतीय पुजारी जदुमणि बाघ, चैतराम भोई, अलेख भोई, राजेंद्र भोई, भोगसिंह भोई, सारथी भोई, नित्यानंद विशाल, वकील नाग, महादेव भोई, पृथ्वीराज भोई, तेजराम बिसी, दिलीप बिसी, मीडिया प्रभारी डॉ. तपन भोई, डॉ. रमाकांत भोई, चुड़ामणि भोई, संकीर्तन बुडेक, नारद भोई एवं नरेश भोई सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन गजानन भोई ने किया।
विजय दिवस सवरा समाज के 14 वर्षों के संघर्ष, त्याग, एकजुटता और ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है। यह दिवस आने वाली पीढ़ियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और सामाजिक एकता बनाए रखने की प्रेरणा देता रहेगा।





























