सरायपाली

सरायपाली: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ‘गौरव पथ’, जनता भुगत रही खामियाजा, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

काकाखबरीलाल @ सरायपाली। नगर पालिका क्षेत्र में निर्माणाधीन ‘गौरव पथ’, जिसे शहर की शान और विकास का प्रतीक होना चाहिए था, आज भ्रष्टाचार और प्रशासनिक घोर लापरवाही का जीवंत उदाहरण बन चुका है। निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर धांधली के बावजूद जिम्मेदार ठेकेदार कंपनी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस गंभीर मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्रीमती सुखविंदर रैना ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की सत्ता में बैठे लोगों को आड़े हाथों लिया है।

​कागजों पर हुआ भुगतान, जमीन पर गायब हैं नालियां

​श्रीमती रैना ने सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के रसूखदारों और नगर पालिका की सत्ता में बैठे लोगों की मिलीभगत से एक बड़े भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया:

  • झिलमिला चौक में नालियों का निर्माण कार्य अब तक अधूरा या न के बराबर है, लेकिन निर्माण कंपनी को पूरा भुगतान कर दिया गया है।
  • ​नगर पालिका के कर्ताधर्ता कथित तौर पर ‘कमीशन और मोटी रकम’ के चक्कर में काम की गुणवत्ता से समझौता कर रहे हैं, जिसका सीधा फायदा ठेकेदार और भ्रष्ट नेताओं को मिल रहा है।

​दूषित हो रहे तालाब, जनता बेहाल

​इस महा-परियोजना का असली लाभ सरायपाली की जनता को मिलना चाहिए था, लेकिन आज लोग इसके दुष्परिणाम भुगतने को मजबूर हैं। भ्रष्टाचार के चलते उचित जल निकासी न होने से नगर क्षेत्र के पवित्र तालाब और जल स्रोत नालियों के गंदे पानी से दूषित हो रहे हैं। श्रीमती रैना ने दुख जताते हुए कहा कि प्रशासन आंखें मूंदकर बैठा है और सत्ता में बैठे लोग जनता की फरियाद सुनने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में आम जनता जाए तो किसके पास जाए?

​’सशक्त विपक्ष’ की कमी और बीजेपी-कांग्रेस की कथित मिलीभगत

​विज्ञप्ति में पार्षदों की बेबसी पर भी सवाल उठाए गए हैं। श्रीमती रैना ने कहा कि जीते हुए पार्षद भी अपने वार्डों में विकास कार्य करवाने में पूरी तरह असफल साबित हो रहे हैं, क्योंकि शासन द्वारा फंड का आवंटन रोक दिया गया है। पूरे क्षेत्र में विकास कार्य ठप है। उन्होंने आरोप लगाया कि:

​”सरायपाली नगर पालिका क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा की कथित अंदरूनी मिलीभगत चल रही है, जिसके कारण विपक्ष की भूमिका शून्य हो चुकी है। इस राजनीतिक गठजोड़ का सीधा नुकसान केवल और केवल यहां की जनता को उठाना पड़ रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।”

​दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की मांग

​मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीमती रैना ने ऐलान किया है कि वे इस पूरे प्रकरण को लेकर सरकार को पत्र लिखेंगी। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. गौरव पथ निर्माण के कार्य को अविलंब और गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए।
  2. ​इस पूरे प्रोजेक्ट में हुए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच हो।
  3. ​हालांकि कुछ अधिकारियों को उनके गलत क्रियाकलापों के लिए निलंबित किया जा चुका है, लेकिन सिर्फ इतना काफी नहीं है। अधिकारियों के साथ-साथ पर्दे के पीछे बैठे दोषी राजनेताओं को भी सजा मिले ताकि भारतीय कानून और न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा बहाल हो सके।

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काका खबरीलाल

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