धान छोड़ मक्का अपनाने वाले किसानों की बदली तस्वीर, 5 करोड़ से अधिक का मक्का खरीदा गया

राजनांदगांव जिले में फसल विविधीकरण और फसल चक्र परिवर्तन के तहत ग्रीष्मकालीन धान की जगह पॉपकॉर्न मक्का की खेती करने वाले किसानों को उल्लेखनीय आर्थिक लाभ मिल रहा है। गौरमेड पॉपकॉर्न कंपनी द्वारा जिले के किसानों से 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का मक्का खरीदा गया है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है।
रबी वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 605 किसानों के साथ 1763 एकड़ क्षेत्र में अनुबंध खेती कराई। किसानों को औसतन 19.33 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कंपनी ने 1700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मक्का खरीदा और अब तक 3.73 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है, जबकि शेष राशि का भुगतान जारी है।
छुरिया विकासखंड के ग्राम भरीटोला के किसान ललित कुमार साहू ने 23.56 एकड़ में पॉपकॉर्न मक्का की खेती कर जिले में सर्वाधिक क्षेत्र में उत्पादन का गौरव हासिल किया। उन्हें इस खेती से 6.95 लाख रुपये से अधिक की आय हुई। वहीं राजनांदगांव विकासखंड के वेद प्रकाश चंद्राकर ने 9.5 एकड़ में खेती कर 32.66 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त किया और 5.27 लाख रुपये से अधिक कमाए। ग्राम जमलेश्वर के किसान देवराम पटेल ने 35.5 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन लेकर लगभग 4.67 लाख रुपये की आय अर्जित की।
कृषि विभाग के अनुसार धान के स्थान पर मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने से किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलने के साथ जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता में सुधार और फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। जिले के सफल किसान अब अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।





























