सरायपाली: अब लोगों के लिए जमीन खरीदना महंगा छूट की सीमा समाप्त


सरायपाली (काकाखबरीलाल).बीते 5 वर्षों से जमीन की रजिस्ट्री के लिए सरकारी गाइडलाईन की दरों में दी जा रही छूट की समय सीमा 31 मार्च को समाप्त हो गई है, जिससे अब लोगों के लिए जमीन खरीदना महंगा हो गया है। प्रदेश के लोगों को जमीन खरीदने पर उसकी रजिस्ट्री में पूर्व की अपेक्षा 30 प्रतिशत अधिक राशि देनी होगी। इससे जहाँ एक ओर आम जनों को नुकसान होगा, वहीं सरकार के राजस्व में करोड़ों की वृद्धि होगी।
पूर्व में भूपेश सरकार के द्वारा जमीन की सरकारी गाइडलाइन दरों में 30 प्रतिशत की छूट दी जा रही थी, जिसकी समय सीमा बीते माह 31 मार्च को खत्म हो गई है। लोगों में यह आशा थी कि रजिस्ट्री दरों में दी जा रही इस छूट को वर्तमान भाजपा सरकार भी यथावत रखेगी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। राज्य सरकार के द्वारा रजिस्ट्री में दी जा रही इस छूट को समाप्त कर दिया गया है, अर्थात अब 100 प्रतिशत पंजीयन शुल्क देना होगा। इससे मकान, जमीन खरीदने के बाद उसकी रजिस्ट्री 30 प्रतिशत तक महंगी हो गई है। छूट समाप्त करने से किसी जमीन को खरीदने के बाद यदि उसकी रजिस्ट्री के लिए पूर्व में 70 हजार रूपये देने पड़ते थे, तो अब उसी जमीन की रजिस्ट्री में 1 लाख खर्च करने पड़ेंगे। इससे जहाँ जमीन खरीदने वालों की लागत अब बढ़ गई है, वहीं सरकारी राजस्व में करोड़ों की वृद्धि होगी।
इस संबंध में उप पंजीयक सरायपाली लिली बेग से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जमीन की खरीदी में सरकारी गाइडलाईन के अनुसार 30 प्रतिशत की छूट की सीमा 31 मार्च को समाप्त हो गई है। 1 अप्रैल से नई दरें लागू हो गई है, जिसके अनुसार जमीन खरीदने वालों को अब 100 प्रतिशत रजिस्ट्री शुल्क देना होगा






























