महासमुंद : सैकड़ों किसानों का रकबा शून्य, टोकन में आ रही दिक्कत

ग्राम बरेकेल के करीब 150 किसान सहित आसपास के ग्रामीण पिछले तीन चार दिन से परेशान हैं। वे टोकन कटाने समिति पहुंच रहे है, लेकिन उन्हें वहां से रकबा शून्य होने के कारण टोकन नहीं कट रहा है, कहकर वापस कर दिया जा रहा है। इन किसानों की फसल कटकर घर पहुंच गई है, लेकिन सॉफ्टवेयर में रकबा शून्य दिखाने के कारण वे अपना धान बेच नहीं पा रहे हैं। इधर, ग्रामीणों ने अपनी समस्या को लेकर गांव में बैठक की और पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा को समस्या से अवगत कराया।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पूर्व भी इस समस्या को लेकर प्रशासन को अवगत कराया गया था। उसके बावजूद समस्या का हल नहीं हो पाया। ग्राम बरेकेल के सरपंच प्रकाश चंद्राकर ने बताया कि पूर्व विधायक एवं भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ डॉ. विमल चोपडा़ के नेतृत्व में कलेक्टोरेट का घेराव करेंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि रविवार तक इस त्रुटि में सुधार नहीं होता है या प्रशासन आकर के किसी प्रकार से कोई सुनवाई नहीं करता है तो सोमवार कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। इस प्रदर्शन में बरेकेल सहित ग्राम अछोला, भोरिंग, गढ़सिवनी, जोबा, आछोली, तेंदवाही, कुकराडीह के सभी किसान शामिल होंगे।

1 दिन में 6-7 किसानों का सुधर रहा रकबा – किसानो हो रही परेशानियों के पर डॉ. चोपडा़ ने कहा कि तहसीलदार और पूरा प्रशासनिक अमला सुस्त बैठा है और अपने आईडी को सोसाइटी में देकर ये अपनी इतिश्री समझ रहे है। इसके कारण 1 दिन में मात्र 6-7 लोगों का ही रकबा में ही सुधार हो पा रहा, जिससे ऐसा लगता है कि प्रशासन की मंशा ही नहीं है कि किसानों का धान खरीदा जाए। उन्होंने कहा कि यदि केवल 7-8 किसान के रकबे में सुधार एक दिन में होगा तो ऐसे में 80- 90 दिन लग जाएंगें और किसान समय पर धान नहीं बेच पाएंगे।






















