छत्तीसगढ़

फर्नीचर से जुड़े वास्तु नियम: आचार्य आशीष गौरचरण मिश्र

फर्नीचर से जुड़े वास्तु नियम

फर्नीचर हमारे घर की सुंदरता को बढ़ाने का एक बेहद ज़रूरी हिस्सा है , साथ ही यदि वास्तु अनुसार हो तो भाग्य के द्वार भी खोल देता है | घर में फर्नीचर सेट करते समय कुछ इससे जुड़े वास्तु नियमो और उपायों का ध्यान रखना चाहिए अन्यथा यह घर का वास्तु बिगाड़ सकते है | किस दिशा में कौनसा फर्नीचर लगाया जाना चाहिए आदि बाते – फर्नीचर से जुड़े वास्तु नियम :

?1. फर्नीचर कभी मंगलवार, शनिवार और अमावस्या के दिन नही खरीदना चाहिए |आप इसे खरीदने के लिए शुभ तिथि काम में ले |

?2. हल्का फर्नीचर हमेशा उत्तर (North) और पूर्व (East) में रखें और भारी फर्नीचर दक्षिण (South) और पश्चिम (West) में रखना चाहिए | यदि यह बात आप घर में ध्यान नही रखेंगे तो आपको आर्थिक संकटो का सामना करना पड़ सकता है |

?3. फर्नीचर में काम में ली जाने वाली लकड़ी अच्छे सकारात्मक पेड़ो की होनी चाहिए जैसे सागवान, साल, शीशम, चंदन, अशोका, अर्जुन या नीम | इन पेड़ो से बनी चीजे घर में अच्छे फल लाती है जो की एक अच्छा वास्तु उपाय है |

?4. घर में फर्नीचर निर्माण और फीटिंग का कार्य साउथ या वेस्ट दिशा से शुरू करना चाहिए, बाद में उत्तर और पूर्व दिशा में फीटिंग करवानी चाहिए |

?5. फर्नीचर पर कलर हलके रंगों के काम में ले | ज्यादा भड़कीले और गहरे रंग अच्छे नही माने जाते है |

?6. फर्नीचर में कॉर्नर्स कम से कम होने चाहिए | ज्यादा कॉर्नर्स वाले फर्नीचर से बचना चाहिए | साथ ही ध्यान रखे की कॉर्नर्स नुकीले ना हो |

?7. फर्नीचर में शुभ प्रतीको और शुभ जीव जैसे कछुआ, मछली, मोर आदि की प्रतिकृति बनाना शुभ रहता है |

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छत्तरसिंग पटेल

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