नई पीढ़ी को धार्मिक संस्कृति से जागरूक करने तथा क्षेत्र वासियों के सुख शांति एवं समृद्धि हेतु महायज्ञ का किया आयोजन : सम्पत

भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुई रूद्र चंडी विश्व शांति महायज्ञ
शुकदेव वैष्णव, काकाखबरीलाल। भागम भाग की जिन्दगी में अधिकांश लोगों की जिन्दगी स्वयं या परिवार तक सिमट गई है। लेकिन कई शख्स एेसे भी है, जो कि स्वयं व परिवार के दायित्व के साथ सामाजिक सरोकार से नाता जोड़े हुए है। समाज सेवा हो या शहर व जिले के विकास की बात वो सदैव तत्पर रहते है। एेसे ही जुझारू व्यक्तित्व वालों की संस्था है नीलांचल सेवा समिति, इस संस्थान के संरक्षक *श्री सम्पत अग्रवाल जी* जो वर्तमान में बसना नगर पंचायत के अध्यक्ष के पद पर पदस्थ हैं, और इनके साथ इनसे जुड़े प्रत्येक सदस्य मानव व समाज सेवा के साथ मूक जीवों के प्रति भी अपने आपको को समर्पित किए हुए है।

अंचल में सेवा के लिए सदैव समर्पित नीलांचल सेवा समिति के तत्वावधान में चार दिवसीय भव्य रूद्र चंडी विश्व शांति महायज्ञ का नीलांचल भवन बसना (सम्पत अग्रवाल निवास) में आयोजित किया गया है, यह यज्ञ 21 सितंबर को प्रारंभ होकर, 22 को कलश स्थापना, 23 को रूद्र अभिषेक एवं चंडी पाठ एवं 24 सितंबर को पूर्णाहुति की जाएगी। 21 सितंबर शुक्रवार प्रथम दिन पर कामाख्या से आए हुए साधक एवं जगन्नाथ पुरी धाम से पंडितों के द्वारा वेद पाठ एवं विशेष पूजन किया गया दुतीय दिन शनिवार को प्रातः 7:00 बजे से अंकुरा रोपण कर कलश यात्रा हेतु प्रस्थान किया गया कलश यात्रा बसना नगर के वार्ड

क्रमांक 11 साईं नगर तालाब में जगन्नाथ पूरी के पंडितों द्वारा मंत्र उच्चारण कर 108 कलश में पानी, नारियल, आम के पत्ते, मौली धागा सहित कन्याओं एवं महिलाओं के सर में कलश रखा गया, तत्पश्चात सिंगल लाइन में रूद्र चंडी विश्व शांति महायज्ञ के भव्य कलश यात्रा का शुभारंभ किया गया.
कलश यात्रा का शुभारंभ कीर्तन मंडलीय एवं बैंड बाजा के अगवानी में बडी संख्या में श्रद्धालुओं एवं भक्तगण नाचते-गाते हुए महायज्ञ स्थल नीलांचल भवन पहुंचे। कलश यात्रा में जगह-जगह पर आतिशबाजी, जय कारे के नारे गूंजते ही रहे, नगरवासियों द्वारा स्वागत संस्कार के साथ शरबत, पानी की व्यवस्था की गई थी।
नीलांचल सेवा समिति के प्रमुख संरक्षक होने के नाते सम्पत अग्रवाल ने यज्ञ पूजन करवाने के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि यह रूद्र चंडी विश्व शांति महायज्ञ अंचल के नई पीढ़ी को धार्मिक संस्कृति की ओर जागरूक एवं प्रेरित करना, भाई-चारा, श्रद्धा भक्ति भावना के साथ क्षेत्र वासियों के सुख शांति एवं समृद्धि हेतु महायज्ञ का आयोजन किया गया है। जिसमे अंचल के सभी लोग महायज्ञ में शामिल होकर भगवान से मनचाहा इच्छा मांग सकते है।




























