
रामकुमार नायक काका ख़बरीलाल रायपुर
रायपुर।वेदांता कैसर अस्पताल मामले में फिलहाल सियासी बवंडर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिवसेना के युवानेता डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय ने इस मुद्दे पर लगातार राज्य सरकार पर हमला बोलते हुये सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है। उन्होंने वेदांता कैंसर अस्पताल व अनुसंधान संस्थान के बारे में स्थिति स्पष्ट करने व समस्त समझौता क़रार के दस्तावेजों को सार्वजनिक करने कहा है।
अवगत होकि 2011 में वेदांता को कैंसर अस्पताल के लिए उपरवारा खपरी में 50 एकड़ जमीन सिर्फ एक रुपये प्रतिवर्ष टोकन राशि पर इस शर्त के साथ उपलब्ध करायी थी, कि वो गरीबों का निशुल्क इलाज करेगी, लेकिन लोकार्पण के ठीक पहले ही समझौते को निरस्त कर दिया गया और अस्पताल को व्यवसायिक बनाने की मंजुरी दे दी गयी।
डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय ने सवाल उठाया है कि वेदांता ने कैंसर अस्पताल को सीएसआर मद से स्थापित किया है या नहीं, ये अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है। बातें ये भी सामने आ रही है कि एमओयू रद्द होने की वजह से गरीबों के इलाज की शर्त भी खत्म हो जायेगी।
डॉ. पाण्डेय ने इस मामले में राज्य सरकार को स्थिति स्पष्ट करने के साथ समस्त दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग किया है। साथ ही गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा को यथावत रखने और कैंसर अस्पताल का निर्माण सीएसआर मद से हुआ है या नहीं, इसकी भी स्थिति को स्पष्ट करने की मांग की है।

























