
रामकुमार नायक@महासमुंद(काकाखबरीलाल)। एक तरफ सरकार मजदूरों को पर्याप्त रोजगार देने की ढिंढोरा पिट रही है तो वहीं दूसरी ओर शासन द्वारा कराए गए कार्य में मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नही किया जा रहा है। मजदूरी के लिए मजदूरों को दर-दर की ठोकरें खाते फिरना पड़ रहा है। ऐसे ही एक मामले में कृषि विभाग के देख रेख में सरायपाली विधानसभा के ग्राम बरतियाभाँठा में निर्माणाधीन स्टॉप डेम में कार्य किए मजदूरों ने जिला मुख्यालय महासमुंद पहुंचकर मजदूरी दिलाए जाने की मांग जिला प्रशासन से की है। मिली जानकारी के अनुसार बरतियाभाठा के स्टॉप डेम निर्माण में खसरूपाली और उमरिया सहित आस पास के करीब 62 मजदूर 24 अप्रैल 2020 से 31 मई 2020 तक काम किए थे। जिसकी मजदूरी भुगतान अभी तक नहीं हो पायी है। निर्माण के 4 माह बीत जाने के बाद भी मजदूरी राशि नही मिल पाने से मजदूरों को कई तरह की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारी मजदूरों के साथ मास्क सेनेटाइजर देते फोटो खिंचा के वाहवाही लूटने में पीछे नहीं रहे लेकिन मजदूरों की वेतन भुगतान की खबर लेना भूल जा रहे है,
वेटन की मांग को लेकर जिला स्तर तक पहुँचने की अधिकारियों की नाकामी पर सवालिया निशान लग रहा हैं,
मजदूरों ने जल्द से जल्द बकाया मजदूरी राशि दिलाने हेतु मांग कलेक्टर महासमुंद, उपसंचालक कृषि, से लेकर मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री से की है। यह ज्ञातव्य हो कि भंवरपुर रूर्बन क्लस्टर के तहत निर्माणाधीन स्टॉप डेम निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार को अंजाम दिए जाने की शिकायत की गई है। पिछले दिनों निर्माणाधीन एक स्टॉप डेम पहली बरसात में ही टूट जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग के एक अधिकारी को निलंबित किया गया था। उप संचालक कृषि विभाग की कार्य एजेंसी में निर्माणाधीन स्टॉप डेमो में बरती गई अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की जांच करने की मांग कलेक्टर महासमुंद एवं संयुक्त संचालक कृषि रायपुर से की गई है मगर अभी तक उसकी न तो जांच हुई है और ना ही किसी प्रकार की कार्रवाई हुई है। जिससे क्षेत्र की जनता में जबरदस्त आक्रोश पनप रहा है। शिकायतकर्ता सौरभ गोयल ने बताया कि मामले में जून 2020 को की गई शिकायत के बावजूद आज पर्यन्त अधिकारी भ्रष्टाचार के मामले में जांच नही कर पाए है। जबकि कृषि विकास अधिकारी आरएस प्रधान के निलंबन प्रकरण में अपील की सुनवाई के साथ संयुक्त संचालक कृषि गयाराम ने स्थल जांच करवाकर प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया है। इसी प्रकरण को लेकर संचालक कृषि कार्यालय में मामले की जांच प्रक्रियाधीन होना बताया जा रहा है। ऐसे में भ्रष्टाचार पर जांच और कार्रवाई को लेकर अधिकारियों की मनमानी हावी होने से शासन की छवि पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। इधर जिला पंचायत में रूबन मिशन के तहत बन रहे स्टाप डेम निर्माण के बिल-व्हाउचर एवं कार्यपालन अभियंता सिंचाई विभाग द्वारा की गई जांच का अभिमत सहित प्रतिवेदन की मांग पर दो माह बीत जाने के बावजूद जानकारी आवेदक को उपलब्ध नही कराई गई है। जो मामले में भ्रष्टाचार के इशारे को बल दे रहा है।
‘‘ कृषि मंत्री रवीन्द्र चैबे ने स्टाप डेम निर्माण में अनियमितता की शिकायतो पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए है। यद्यपि निर्माण में अनियमितता की गई है, तो जांच होनी चाहिए। जांच नही करने वालो के विरूद्ध अनुशानात्मक कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव से शिकायत करूंगा। ‘‘
जफ़र उल्ला खान, अध्यक्ष लोकसभा आईटी सेल कांग्रेस
‘‘ मजदूरी बाकी है। मांग कलेक्टर सर के पास भेज दिया गया है। 15-20 दिनो में मजूदरी का भुगतान हो जाना चाहिए। ‘‘
बीएल भगत, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, महासमुंद



























