सरायपाली
उभरते युवा कलमकार सौदागर साहू की कलम से – हम पहुंच ही जाते हैं…

सौदागर साहू की कलम से…
कुछ अच्छा करने निकलो
तो जाने क्यों लोग हँसी उड़ाते है
हो गए अगर कामयाब
तो जाने क्यों लोग जल जाते है!!
राह में मुश्किलें आये हज़ार
पर हम तो बढ़ते चले जाते है
लोगो कि परवाह ना कर
सच्चाई का साथ निभाते है!!
राह में दर्द मिलते है कई
पर हम हर दर्द पर मुस्कुराते है
कोई करे रास्ता रोकने कि कोशिश अगर
तो उसको भी जवाब दे जाते है!!
दुराचारी अपनी ताकत पर
इतना क्यों इठलाते है
जबकि अंत में रावण कंस और कौरवो
सा ही अंजाम पाते है!!
सच कि हमेशा जीत होती है
जाने क्यों लोग अक्सर भूल जाते है
जिस मंजिल को पाने कि चाह में हम निकलते है
भटकते हुए ही सही पर मंजिल तक पहुच ही जाते है …..!!
~~सौदागर साहू
सरायपाली
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