भ्रष्टाचार उजागर होने के भय से सूचना का अधिकार अधिनियम की उड़ा रहे धज्जियां

काकाखबरीलाल/खरसिया रायगढ़ :- भ्रष्टाचार उजागर होने के भय से सूचना का अधिकार अधिनियम की धज्जियां उड़ाने की खबर आए दिन पढ़ने मिलती रहती है आवेदक को परेशान कर जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं ।
मामला जनपद पंचायत खरसिया ग्राम पंचायत गीधा का है, जन सूचना अधिकारी/ सचिव से पत्रकार एवं आरटीआई कार्यकर्ता एवन बंजारा के द्वारा रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से 13.08. 2019 को सूचना के अधिकार के तहत 3 आवेदन प्रस्तुत किए थे आवेदन प्राप्ति के उपरांत जन सूचना अधिकारी /सचिव के द्वारा तीनों आवेदन की जानकारी हेतु कुल 3240 रुपये (तीन हजार दो सौ चालीस रुपये) फोटो कॉपी शुल्क हेतु कार्यकालीन समय में नगद राशि जमा करने हेतु पत्राचार किया गया जबकि सूचना के अधिकार अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि राशि नगद ही जमा किया जाए शुल्क की राशि चालान , डीडी, मनीआर्डर आदि से भी राशि जमा किया जा सकता है आवेदन कर्ता के द्वारा गीधा के जन सूचना अधिकारी / सचिव से कार्यालय ग्राम पंचायत गीधा में मिलने हेतु आवेदक ग्राम पंचायत में उपस्थित हुआ परंतु सचिव से मिलना संभव नहीं हुआ साथ ही साथ सचिव से मोबाइल से भी संपर्क साधा गया परंतु मोबाइल से भी कोई जवाब नहीं मिला जिसके बाद आवेदक के द्वारा कुल ₹3240 मनीआर्डर किया गया परंतु जन सूचना अधिकारी सचिव के द्वारा मनीआर्डर की प्राप्ति के 1 माह बाद भी अपने मनमानी करते हुए सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6 (1 ) की धज्जियां उड़ाते हुए एवं भ्रष्टाचार उजागर होने के भय से अभी तक कोई जानकारी प्रदान नहीं किया गया और ना ही कोई पत्राचार किया गया।
उपरोक्त कृत्य पर पत्रकार एवं आरटीआई कार्यकर्ता एवन बंजारा के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत खरसिया के पास प्रथम अपील एवं सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायगढ़ छत्तीसगढ़ के पास शिकायत प्रस्तुत कर दी गई है ।


























