
संतोष पटेल,भंवरपुर। आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत पुरुषोत्तपुर के आश्रित ग्राम चेरुडीपा की अलग पहचान गांव के युवाओं की पहल से बनने लगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दो वर्ष पहले ग्राम विकास संकल्प समिति चेरुडीपा का गठन समिति के अध्यक्ष परसराम मुण्डा की अध्यक्षता में किया गया था। समिति के सदस्यों ने गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया, और घर घर जाकर तलाशी लेने का निर्णय लिया नतीजन इस आदिवासी बाहुल्य गांव में अब न कोई शराब बनाता है और न ही कोई बेचता है। गौरतलब है कि कुछ वर्ष पूर्व यहां व्यापक पैमाने पर महुआ शराब बनाने व बेचने का कारोबार चल रहा था, जिससे आए दिन गांव में वाद विवाद की नौबत आ रही थी। इससे परेशान हो चुके युवाओं ने तय किया कि अब गांव को नशा मुक्त बनाकर ही रहेंगे। इस कार्य में गांव की महिलाओं का भी विशेष योगदान रहा। इसके अलावा बिरसा मुण्डा युवा विकास समिति के सहयोग से मुण्डा समाज के सभी गांवों को नशा मुक्त बनाने की दिशा में पहल हो रहा है। गांव के पांडव नागवंशी, तुलसीराम मुण्डा , कलपराम मुण्डा, अशोक मुण्डा, कैलाश, छोटेलाल, बुधराम, परसराम, यशवंत, सहदेव, लोकेश, नेपाल, गोपाल, शिव, लक्ष्मण, टिकेश्वर आदि ने बताया कि ग्राम विकास संकल्प समिति एवं बिरसा मुण्डा युवा विकास समिति के सदस्यों द्वारा आदिवासी बाहुल्य गांवों में पूर्ण शराबबंदी को प्राथमिकता के साथ लागू करवाने पहल किया जा रहा है। इसके अलावा समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे मुद्दों पर भी जन जागरूकता लाने अभियान चलाया जाएगा। बहरहाल इन युवाओं के पहल की जमकर सराहना हो रही है। चुंकी मौजूदा समय में अनेक गांवों के युवाओं का रुझान विभिन्न नशे की ओर बढ़ते देखा जा रहा है जबकि चेरुडीपा जैसे आदिवासी बाहुल्य छोटे से गांव के युवाओं की पहल निश्चय ही सराहनीय है।



























