छत्तीसगढ़

डिजिटल शिक्षा की ओर बड़े कदम का आगाज होगा मर्रा से.. स्कूलों के काम पेपरलेस करने तैयार किए गए साफ्टवेयर ‘टीम’ की लांचिंग भी..

स्मार्ट क्लास और स्मार्ट लैब का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री

स्कूलों के काम पेपरलेस करने तैयार किए गए साफ्टवेयर ‘टीम’ की लांचिंग भी

मुख्यमंत्री मर्रा में राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का करेंगे शुभारंभ,

रायपुर, 25 जून 2019

राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के साथ ही मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे नवाचारों को आरंभ करेंगे जिससे बच्चों की पढ़ाई बेहद रोचक हो जाएगी। मर्रा उच्चतर माध्यमिक शाला में स्मार्ट कंटेट वाले स्मार्ट क्लास और स्मार्ट लैब की सुविधा आरंभ होगी। निकट भविष्य में इसी तरह के स्मार्ट क्लास और स्मार्ट लैब की स्थापना सवा चार हजार हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी होनी है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री टीम (टोटल एजुकेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम) साफ्टवेयर की भी लांचिंग करेंगे। इससे उपस्थिति, छात्रवृत्ति, गणवेश आदि विभिन्न कागजी कार्रवाईयों में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और गुणवत्तायुक्त शिक्षा दी जा सकेगी।

प्रवेशोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री नौनिहाल बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत करेंगे। वे मध्याह्न भोजन में उनके साथ खाना भी खाएंगे। परिसर में ताइक्वांडो और क्रिकेट का खेल भी होगा, जिसका आनंद भी मुख्यमंत्री लेंगे।

मुख्यमंत्री इस अवसर पर पौधरोपण भी करेंगे। आज कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण करने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री गौरव द्विवेदी भी पहुंचे और प्रस्तावित कार्यक्रम के संबंध में निर्देश भी दिए। इस मौके पर कलेक्टर श्री अंकित आनंद, एसपी श्री प्रखर पांडे, संचालक लोक शिक्षण श्री एस. प्रकाश, संचालक एससीईआरटी एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा अभियान श्री पी. दयानंद, संयुक्त सचिव शिक्षा श्री सौरभ कुमार, अपर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

आईसीटी प्रोग्राम की करेंगे लांचिंग

मुख्यमंत्री इस अवसर पर मर्रा स्कूल में आईसीटी प्रोग्राम की लांचिंग भी करेंगे। आईसीटी अर्थात इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नालाजी प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास में डिजिटल कंटेट के माध्यम से शिक्षा दी जाएगी।

शिक्षाविद मानते हैं कि केवल सुनने के बजाय देखने और सुनने से चीजें बेहतर तरीके से समझ आती हैं। डिजिटल कंटेट के माध्यम से पढ़ाई गई बातें बच्चों को कितनी समझ आ रही हैं इसे भी ट्रैक किया जाएगा। बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की रिपोर्ट डैशबोर्ड के माध्यम से अधिकारियों तक पहुंचती रहेगी। इसके साथ ही कंप्यूटर एवं आईटी के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी।

पुस्तकों में क्यूआर कोड, दीक्षा एप में लेते ही आफलाइन भी कर सकेंगे पढ़ाई

मुख्यमंत्री दीक्षा एप की लांचिंग भी करेंगे। इसे गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। मोबाइल में क्यूआर कोड की तस्वीर लेते ही पूरी पाठ्यपुस्तक दिख जाएगी। इसमें रोचक तरीके से किताब की सामग्री बच्चों के लिए उपलब्ध होगी।

किताबों की सामग्री मल्टीमीडिया में: पंडवानी जैसे लोकगायन के माध्यम से भी पढ़ाई

इसके लिए सीजीएमएमटीबी (छत्तीसगढ़ मल्टीमीडिया टेक्स्ट बोर्ड) एप तैयार किया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ में प्रचलित छह बोलियों में पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध है। अगर बस्तर में कोई बच्चा गोंडी अथवा हल्बी समझता है तो भी इस साफ्टवेयर से उसे समझाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं। सबसे खास बात यह है कि इसका कंटेट काफी रोचक है।

उदाहरण के लिए सहायक वाचन में गांधी जी के जीवन से जुड़ा हिस्सा है तो इसे पंडवानी के माध्यम से बताया गया है। किस प्रकार गांधी जहाज से विदेश गए, उनके सत्य के प्रयोगों के बारे में सुंदर पंडवानी गायन के माध्यम से बताया गया है।

यह इतना रोचक है कि बच्चों के लिए अविस्मरणीय अनुभव रहेगा। गणित की पढ़ाई के प्रायोगिक पक्षों के बारे में बताया गया है। मसलन यह बताया गया है कि पिरामिड जैसी संरचनाएं कैसे बनीं और गणित इसमें किस तरह उपयोगी हुआ। पाई के बारे में बड़े दिलचस्प तरीके से बताया गया है। प्रकाश कैसे बिना माध्यम के प्रवेश करता है। इसके लिए पूरा प्रयोग दिखाया गया है।

चूंकि इससे पहले किताबों में केवल चित्र होते थे और कई बार चित्र भी नहीं होते थे। इसलिए विज्ञान से संबंधित प्रायोगिक गतिविधियों को समझना काफी कठिन होता था। यद्यपि पुस्तकों के पीछे प्रयोग करके देखें का निर्देश होता था लेकिन बच्चों के लिए इसके लिए समय निकाल पाना कठिन होता था। अब ज्यादा रोचक तरीके से वे इन चीजों को समझ पाएंगे।

प्रदेश के ही शिक्षकों एवं बीएड विद्यार्थियों से तैयार कराई गई सामग्री

एससीईआरटी के विशेषज्ञों ने प्रदेश के ही शिक्षकों एवं बीएड विद्यार्थियों से मल्टीमीडिया की सामग्री तैयार कराई गई। एससीईआरटी के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की भाषाओं में सामग्री तैयार कराई गई। इसकी अभिव्यक्ति का तरीका भी मौलिक रहा। मसलन जब गांधी जी के विदेश यात्रा का वर्णन बच्चों को समझाने की बारी आई तो पंडवानी के रूप में इसे बदला गया। इसका प्रेजेंटेशन भी बीएड के विद्यार्थियों ने किया।
टीम की लांचिंग भी

मुख्यमंत्री इस अवसर पर टीम( टोटल एजुकेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम) की लांचिंग भी करेंगे। इस साफ्टवेयर के उपयोग से पेपर वर्क कम हो जाएगा और गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए ज्यादा गुंजाइश बनेगी।

एक प्रेजेंटेशन ऐसा भी, जिसमें बताया जाएगा क्रिकेट का कैसे
एसेसमेंट टूल के रूप में हो सकता है प्रयोग

बच्चों में क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है। अभी वर्ल्ड कप भी चल रहा है। ऐसे में क्रिकेट का एसेसमेंट टूल के रूप में किस प्रकार प्रयोग हो सकता है, यह भी बताया जाएगा।

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काका खबरीलाल

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