महासुमंद

महासमुंद:चांद तक पहुंचेगा महासमुंद का सपना, रागनी साहू बनीं राष्ट्रीय फाइनलिस्ट

महासमुंद। जिले के लिए गर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि का क्षण तब आया जब शासकीय आशीबाई गोलछा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद की छात्रा रागनी साहू का चयन अंतरराष्ट्रीय चंद्र मिशन शक्तिसैट के लिए नेशनल फाइनलिस्ट के रूप में हुआ। इस प्रतिष्ठित मिशन के लिए देशभर से चयनित केवल 20 राष्ट्रीय फाइनलिस्टों में रागनी ने स्थान बनाया है। वे महासमुंद ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की एकमात्र छात्रा हैं, जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।
इस सफलता पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने रागनी साहू को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छात्रा की प्रतिभा, कड़ी मेहनत और विद्यालय द्वारा दिए गए उत्कृष्ट मार्गदर्शन का परिणाम है। कलेक्टर ने विद्यालय के प्राचार्य जी.आर. सिन्हा तथा अटल टिंकरिंग लैब के प्रभारी एवं भौतिकी व्याख्याता चंद्रशेखर मिथलेश के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की भी सराहना की। जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने भी रागनी को शुभकामनाएं दीं।
रागनी ने वर्ष 2025 में विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से इस मिशन के लिए पंजीयन कराया था। चयन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने लगभग 120 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण, 21 विस्तृत मॉड्यूल तथा 550 से अधिक स्पेस, सैटेलाइट, विज्ञान, नवाचार और इंजीनियरिंग आधारित पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे किए। इसके बाद तकनीकी मूल्यांकन और राष्ट्रीय स्तर के साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने नेशनल फाइनलिस्ट के रूप में अपनी जगह बनाई।
मिशन शक्तिसैट एक अंतरराष्ट्रीय चंद्र सैटेलाइट मिशन है, जिसमें भारत सहित 108 देशों के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इस परियोजना के तहत दो चंद्र उपग्रह विकसित किए जाएंगे। इनमें एक उपग्रह चंद्रमा की कक्षा में स्थापित होकर उसकी परिक्रमा करेगा, जबकि दूसरा रोवर चंद्रमा की सतह पर उतरकर वैज्ञानिक प्रयोग करेगा।
रागनी साहू 22 से 31 अगस्त 2026 तक उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में आयोजित आठ दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेंगी। इस दौरान उन्हें इसरो के वैज्ञानिकों, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला तथा विभिन्न देशों के अंतरिक्ष विशेषज्ञों से संवाद और प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों द्वारा विकसित उपग्रहों का प्रक्षेपण 11 अक्टूबर 2026 (अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस) के अवसर पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसरो द्वारा किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि यह मिशन अटल इनोवेशन मिशन (नीति आयोग) से संबद्ध है। इसका संचालन स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीमती केसन के नेतृत्व में किया जा रहा है, जबकि विंग कमांडर जया तारे (सेवानिवृत्त) इस मिशन की भारत की राष्ट्रीय राजदूत हैं। रागनी की यह सफलता महासमुंद जिले के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बन गई है।

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