सरायपाली:शासकीय प्राथमिक शाला मुधा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

सरायपाली। नवीन शिक्षा सत्र के शुभारंभ अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला मुधा में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को नए शिक्षा सत्र की शुभकामनाएं देते हुए पाठ्यपुस्तकों एवं अभ्यास पुस्तिकाओं का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में ग्राम सरपंच गणपत बरिहा, शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) अध्यक्ष जगतराम श्रीवास, शासकीय प्राथमिक शाला जोगीडीपा के प्रधान पाठक चंद्रकुमार पटेल, पंच दुशीला पटेल एवं सुभद्रा पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, एसएमसी सदस्य, पालकगण एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सरपंच गणपत बरिहा ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने और शिक्षा के माध्यम से अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने के लिए प्रेरित किया तथा सभी बच्चों को नए शिक्षा सत्र की शुभकामनाएं दीं। वहीं, एसएमसी अध्यक्ष जगतराम श्रीवास ने विद्यार्थियों को कॉपी एवं पेन वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
विद्यालय की प्रधान पाठक श्रीमती शीला विश्वास ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय में नवाचार एवं गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को आनंददायक वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करना और उन्हें बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है।
सहायक शिक्षक हीराराम पटेल ने अतिथियों के करकमलों से विद्यार्थियों को पुस्तकों का वितरण कराया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, प्रधान पाठक श्रीमती शीला विश्वास ने सभी विद्यार्थियों को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साह बढ़ाया। नवप्रवेशी बच्चों के स्वागत में माताओं एवं पालकों ने भी तिलक लगाकर और पगड़ी पहनाकर अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई।
नए बस्ते, नई पुस्तकें और नई कक्षाएं मिलने की खुशी बच्चों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए स्वादिष्ट मध्यान्ह भोजन की भी व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम के अंत में एसएमसी अध्यक्ष ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रधान पाठक श्रीमती शीला विश्वास ने उपस्थित अतिथियों, पालकों एवं ग्रामवासियों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय के विकास एवं बच्चों की शिक्षा में निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई। यह आयोजन विद्यालय, समुदाय और पालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।































