भंवरपुर में होगी विरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापित

25 जून को मुख्यमंत्री करेंगे मूर्ति अनावरण
संतोष पटेल,भंवरपुर।विगत दिनों कौड़ियाराज गोंडवाना आदिवासी महासंघ राजमहल सामुदायिक भवन में स्वतंत्रता संग्राम और स्वदेशी के अमर बलिदानी जननायक, आदिवासी समाज के पुरोधा एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के क्रांतिकारी गुरु बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस के अवसर पर सर्व आदिवासी समाज का जिला स्तरीय विशेष समीक्षा बैठक आहूत की गई। जिसमें सर्व प्रथम गोंडवाना समाज के आराध्य देव श्री श्री बुढ़ादेव, आदिमाता शक्ति की पूजा-अर्चना पश्चात आजादी के संक्रमणकाल के आदिवासी समाज के समाज सुधारक, शहीद वीर विरांगनाओं के योगदान एवं संघर्षमय जीवनी पर समाज जनों द्वारा प्रबोधन दिया गया। इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज एवं अनुसूचित जनजाति शासकीय विकास संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 25 जून को तहसील बसना के भंवरपुर पुराना पुलिस चौकी स्थल पर गोंडवाना स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विरांगना महारानी दुर्गावती की आदमकद प्रतिमा का अनावरण छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम के करकमलों से सम्पन्न कराया जायेगा।प्रतिमा अनावरण के लिए मुख्यमंत्री बघेल से अनुमति प्राप्त होने की जानकारी समाज प्रमुखों को दी गई।रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना को लेकर आदिवासी समाज में हर्ष व्याप्त है। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने हेतु सर्व आदिवासी समाज सहित अंचल के निवासरत सभी समाज से सहयोग एवं सहभागिता पर बल दिया गया। तथा आयोजन को सफल बनाने रुपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया गया। समीक्षा बैठक में विशेष रूप से आयोजन के सूत्रधार समाज भूषण अमृत लाल जगत अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ बसना, श्रीमती बसंता ठाकुर जिला अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज महासमुंद, एसपी ध्रुव महासचिव ,सुरेश मलिक, झगरूराम बरिहा, श्याम कुमार नेताम, सुशीला ठाकुर, नरेश पोर्ते, पुष्पक राठिया, जनकराम ठाकुर, राजेन्द्रसिंह सिदार, रामलाल बाघ, शनिराम सिदार, शुभसिंह जगत, गोकुल पारेश्वर, बाबूलाल दीवान, घसिया सिदार, गणेशराम सिदार, टाकेन्द्र राय, बिश्वर पोर्ते, कुंजलसिह सिदार, पारेश्वरसिंह ठाकुर, सुखलाल सिदार, देवकुमार ध्रुव, पाण्डव सिदार, देवानंद नाग, सफेद जगत, मुनूसिंह जगत, मकरध्वज बाघ, ईश्वर पोर्ते, प्रेमसिंह पोर्ते, दीपक जगत, हेमकुमार सिदार, कदम सिदार, भानुप्रताप ठाकुर, भुवनसिंह जगत आदि बैठक में उपस्थित थे।
*खुमानलाल साव को दी गई श्रद्धांजली*
इसी बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ी लोककला मंच चंदैनी गोंदा संरक्षक व संचालक एवं कर्णप्रिय लोकधुनों के सर्जक मशहूर संगीतकार, पद्मश्री खुमानलाल साव के निधन पर सर्व आदिवासी समाज ने बैठक के अंत में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
अमृत लाल जगत ने कहा कि खुमानलाल साव शिक्षकीय पेशे से जुड़े रहे और छत्तीसगढ़ी लोककला मंच चंदैनी गोंदा के माध्यम से पारम्परिक गीत संगीत को देश विदेश में छत्तीसगढ़ को एक अलग पहचान भी दिलाया। उनका निधन छत्तीसगढ़ी लोककला जगत के लिए एक युग का अंत है। उक्त जानकारी राजेंद्र सिंह सिदार ने दी।





























