महासमुंद

छ.ग. शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने युक्तियुक्तकरण नीति के खिलाफ मान मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को सौपा ज्ञापन

 

काकाखबरीलाल@महासमुंद। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा जिला महासमुंद ने विसंगति पूर्ण युक्तियुक्तकरण के खिलाफ लामबंद होकर “विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तिकरण वापस हो” नारा के साथ इसे तत्काल वापस लेने की मांग को लेकर जिलाधीश महासमुंद एवम जिला शिक्षाधिकारी महासमुंद को माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम का ज्ञापन सौपा। मीशा कोसले डिप्टी कलेक्टर महासमुंद तथा नंद कुमार सिन्हा सहायक संचालक जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद को ज्ञापन सौपते हुए मोर्चा ने कहा कि – 2008 के सेटअप के अनुसार युक्तियुक्तकरण नीति नही है। इसमे न्यूनतम छात्र संख्या वाले प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शाला में 1 – 1 शिक्षक संख्या कम कर सेटअप को ही बदल दिया गया है, आखिर शिक्षा विभाग अपनी रीढ़ सेटअप को कैसे बदल सकता है। इससे बालक व पालक को शाला में कम शिक्षक उपलब्ध होगा जिसका सीधा असर शिक्षा के गुणवत्ता पर पड़ेगा तथा पद रिक्त न होने से नई नियुक्तियां प्रभावित होंगे।
मोर्चा के पदाधिकारियो ने प्रश्न किया है कि सेटअप में भर्ती व पदस्थ शिक्षक आखिर बिना ट्रांसफर हुए अतिशेष क्यो होंगे, उन्होंने आरोप लगाया कि युक्तियुक्तकरण के नाम पर प्रायमरी व मिडिल स्कूलों में पदों की कटौती की योजना बनाई गई है। युक्तियुक्तकरण नियम सेटअप 2008 का खुला उलंघन है, इसे खारिज किया जाना चाहिए। ज्ञापन में कहा गया है कि
वर्तमान युक्तियुक्तकरण वाले पूर्व माध्यमिक शालाओं में जिनकी दर्ज संख्या 105 या उससे कम है वहां एक प्रधान पाठक एवं तीन शिक्षक पदस्थ करने का नियम बनाया गया है, इसके अतिरिक्त पदस्थ शिक्षक अतिशेष माने जायेंगे।
जबकि 2008 के सेटअप जो वर्तमान में लागू है, में न्यूनतम छात्र संख्या पर 1 प्रधान पाठक एवं 4 शिक्षक पदस्थ करने का नियम बनाया गया था, और इसी के आधार पर भर्ती व पदोन्नति विभाग द्वारा की गई है, 1 पद घटाने से एक शिक्षक तो स्वमेव अतिशेष हो जाएंगे इसीलिए यह नियम व्यवहारिक नही है।
2008 के सेटअप में प्राथमिक शाला में न्यूनतम छात्र संख्या पर 1 प्रधान पाठक व 2 सहायक शिक्षक का पद स्वीकृत किया गया था, वर्तमान में 1 पद कम कर दिया गया है, यहाँ भी 1 शिक्षक स्वमेव अतिशेष होंगे, यह नियम अव्यहारिक और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप नही है।
प्राथमिक स्कूलों का मिडिल स्कूलों में युक्तियुक्तकरण से प्राथमिक विद्यालय के प्रधानपाठक का पोस्ट ही समाप्त करने की साजिश है, यदि मिडिल और हाई स्कूल को युक्तियुक्तकरण करने से मिडिल स्कूल के प्रधानपाठक के अधिकार में कटौती होगी उसका कोई स्वतंत्र अस्तित्व ही नही रह जायेगा।
प्रधान पाठक का पद समाप्त करने वाला इस युक्तियुक्तकरण नियम से सहायक शिक्षक व शिक्षक की पदोन्नति 50% तक कम होगी, इससे शिक्षकों के पदोन्नति के अवसर कम होंगे जो पूर्णतः अनुचित है।
बालवाड़ी संचालित स्कूलों में बालवाड़ी 1 व प्राथमिक 5 कुल 6 कक्षा का संचालन 2 शिक्षकों से कैसे संभव होगा ? एक ही परिसर में उच्चत्तर शाला में निचले शाला को मर्ज करना स्वतंत्र शाला के नियंत्रण व शिक्षण व्यवस्था पर विपरीत असर डालेगा। प्रधान पाठक उच्च शाला के अधीन मर्ज होंगे इस प्रकार से इन पदों को समाप्त करने की रणनीति गलत है, प्राथमिक शाला व माध्यमिक शाला में न्यूनतम शिक्षक संख्या घटाया गया है इससे इन शालाओ के शिक्षण स्तर में गिरावट आएगा, पूरी युक्तिकरण की नीति में विसंगतिया है जो गंभीर आपत्तिजनक है। हाईस्कूल हायरसेकंडरी में स्वीकृत पदों के विरुद्ध कार्यरत नियमीत व्याख्याता वरिष्ठ होते हुए भी अतिथि शिक्षको के नियुक्ति के कारण आतिशेष माने जाएंगे जो घोर विडंबना है।संकुल समन्वयको को अतिशेष प्रक्रिया में रखा जाना शैक्षिक गुणवत्ता पर सीधा प्रहार है।


ज्ञापन कार्यक्रम में मोर्चा के जिला संयोजक दिनेश नायक एवम नारायण चौधरी, सुधीर प्रधान, ईश्वर चंद्राकर, शोभा सिंहदेव, सिराज बक्श, छ शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष टेकराम सेन,रेखराज शर्मा,तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप तिवारी,केशव राम साहू, राजा राम पटेल, राजेश प्रधान ,प्रदीप पटेल, बुद्ध प्रकाश मेश्राम साद राम अजय, दुर्वासा गोस्वामी, लालजी साहू, लोकनाथ सिन्हा, नंदकुमार साहू, डोलामणी साहू, विजय प्रधान, गणेश राम चौहान, खोशील गेंद्रे, लोकेश्वर मोंगरे, खिलावन वर्मा, राजेश भालेराव, सालिक राम साहू, अनुप नायक, दानीयल टांडी, कौतुक पटेल, कौशल साहू, जगदीश सिन्हा, मानसी अग्रवाल, राजेश साहू, बाबूलाल ध्रुव, प्रकाश बघेल, महेन्द्र चौधरी, सडा नंद भाई, गजेन्द्र नायक, मनोज राय, ललित साहू, रेहाना बनो, कांति नेताम, खेमिन साहू, भारती सोनी, रोशन भोई, भूपेंद्र नेताम, केशव साहू, देव सिदार, राधेश्याम बरिहा, कमलेश निराला, विजय पटेल, मोहन खंडेल, नारायण गणतिया, आत्माराम साहू, विजय साहू, दिनेश प्रधान,उपेंद्र साहु, देवेंद्र चंद्राकर, लक्ष्मण मानिकपुरी, लव कुमार निर्मलकर, गौरी शंकर पटेल, सोमनाथ चौहान, पवन यादव, योगेश्वर साहू, केवलदास, राजेश चंद्राकर, ज्योति पटेल सहित बड़ी संख्या में मोर्चा के शिक्षक साथी उपस्थित हुए।
उक्ताशय की जानकारी मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी प्रदीप वर्मा एवम लोकेश्वर मोंगरे ने दी।

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