छत्तीसगढ़

सिर्फ पांच हजार में बैंकों को ठगने की ट्रेनिंग ली, कई राज्यों में किया हाथ साफ

काकाखबरीलाल,रायपुर . एटीएम के जरिये बैंकों को ही ठगने वाले हरियाणा के दो शातिरों ने इसकी ट्रेनिंग गांव के ही एक युवक से ली थी। युवक ने ट्रेनिंग के एवज में दोनों से 5 हजार रुपए भी लिए। ठगों के ट्रेनर ने पूरा तरीका वीडियो पर दिखाया। फिर एटीएम सेंटर जाकर प्रैक्टिकल भी करवाया।

जैसे-स्विच कहां होता है, इसे कब और कैसे बंद करना है वगैरह। ट्रेनर ने ही दोनों को दूसरे राज्यों में जाकर खुद एटीएम में पैसे निकाले और स्विच ऑफ करके दिखाया। फिर यह भी बताया कि बैंकों में पैसे किस तरह से क्लेम करने हैं। पुलिस की पूछताछ में ठगों ने बताया कि दोनों ने गृह राज्य हरियाणा में कोई वारदात नहीं की। दूसरे राज्य जाकर ही पैसे निकालते थे। इसके बाद पलवल और फरीदाबाद के अपने गांवों में लौटकर वहां से पैसे क्लेम करते थे।
रायपुर पुलिस ने दोनों ठगों जुनैद खान और जमशेद खान को शनिवार को जेल भेज दिया है। दोनों के गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश चल रही है। अफसरों ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने ज्यादा जानकारियां नहीं दीं, इसलिए रिमांड नहीं ली गई।

ठगों के संबंध में हरियाणा, दिल्ली के अलावा कुछ राज्यों की पुलिस संपर्क किया है। इस गिरोह के वारदात के तरीकों की जानकारी भी ली गई है। पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि दोनों ठगों और गिरोह ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और आंध्रप्रदेश में वारदातें की हैं।

बचाव की भी ट्रेनिंग

मौदहापारा पुलिस के अनुसार हरियाणा के दो-तीन गांवों में ऐसे गिरोहों की सूचना मिली है, जो एटीएम के जरिये सीधे बैंकों को ठग रहे हैं। इन गांवों में ठगी के तरीके सिखाने वाले ट्रेनर भी हैं, जो इससे पहले अलग-अलग राज्यों में वारदातें कर चुके हैं।

ये ट्रेन गांव के युवकों को वारदात के तरीके बताने के साथ-साथ बचने के उपाय भी बता रहे हैं। ठगों को साफ बताया गया है कि एक एटीएम में दो बार से ज्यादा नहीं जाना है और जिस शहर में वारदात की, वहां सालभर नहीं जाना है।
दूसरे बैंकों के एटीएम का उपयोग
पुलिस की पड़ताल में पता चला कि आरोपी हरियाणा से निकलने से पहले उन सभी खातों में पैसे जमा करते थे, जिनके एटीएम कार्ड उनके पास हों। इसके बाद दूसरे राज्यों में जाकर पैसे निकालते थे। जिस बैंक का एटीएम कार्ड रहता है, उस बैंक के एटीएम में वारदातें नहीं करते थे क्योंकि स्विच ऑफ करने तक सेम बैंक में जानकारी पहुंच जाती थी। दूसरे बैंक के कार्ड को अलग बैंक के एटीएम में स्वाइप करने पर जानकारी देर से जाती थी।

रायपुर के एटीएम गार्ड कम कैमरे खराब, इसलिए चुना

पूछताछ में जुनैद ने पुलिस को बताया कि रायपुर के ज्यादातर एटीएम में गार्ड नहीं हैं। एटीएम में ज्यादा भीड़ भी नहीं रहती, इसलिए यहां वारदात आसान है। यहां के अधिकांश एटीएम में कैमरे खराब हैं और स्विच आसानी से बंद हो जाता है, इसलिए यहां वारदातें कीं। ठगों से मिली जानकारी की पुष्टि के लिए पुलिस टीम जल्दी हरियाणा जाने वाली है।

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काका खबरीलाल

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