सरायपाली : क्षेत्र के इस कारीडोर सड़क की हालत खराब लोगों में आक्रोश



सरायपाली (काकाखबरीलाल). विगत दिनों भेंट मुलाकात कार्यक्रम में पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिशुपाल पर्वत को पर्यटन स्थल घोषित किया है। इसके लिए काम कब शुरू होगा यह कहा नहीं जा सकता। लेकिन कुछ बुनियादी सुविधाएं फिलहाल ठीक करना आवश्यक प्रतीत हो रहा है। इनमें नवापारा से मल्दामाल तक शिशुपाल कारीडोर सड़क की हालत सबसे खराब है। जगह जगह छोटे बड़े गड्ढों की वजह से दुपहिया वाहन चालकों को बहुत अधिक परेशानी हो रही है। चारपहिया वाहन चालकों को भी गड्ढों को बचाकर चलना पड़ता जिससे साइड में जा रहे दुपहिया वाहन चालक को टकराने का खतरा मंडराता रहता है। साइकल, मोटर साइकिल चालकों को हमेंशा हिचकोले खाते हुए आना जाना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग में फोर लेन बनने के पहले यह मार्ग बलोदा क्षेत्र के लोगों के लिए प्रमुख मार्ग था। अभी भी इस क्षेत्र के लोग ओड़िशा, बरगढ़ तरफ जाने के लिए इसी रास्ते में आवाजाही कर रहे हैं। एक तो दूरी कम होने की वजह से यह सुगम मार्ग है परन्तु सड़क जगह जगह खराब होने के कारण परेशानी हो रही है। बलोदा से नवापारा तक सड़क पर डामर की नयी परत चढ़ चुकी है लेकिन इसके आगे की सड़क जस की तस बनी हुई है। इस अंचल के लोगों ने गड्ढों को पाटकर डामर की नई परत चढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अभी मरम्मत नहीं हुआ तो बरसात के दिनों में गड्ढों का आकार बढ़ जायेगा जिससे लोगों को बहुत अधिक दिक्कत हो सकती है। दूसरी ओर सड़क किनारे के बड़े खरपतवार और छोटी झाड़ियों की वजह से सड़क की चैड़ाई कम हो गयी है। चारपहिया वाहनों के पार करते समय जगह नहीं बच पाता। गड्ढों से बचने के लिए भी दुपहिया वाहन चालक किनारे की ओर चलते हैं जिससे दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में होती है आवाजाही इस मार्ग से होते हुए छुईपाली, सिंघोड़ा तरफ के गांवों को तथा बलोदा तक भी प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। वहीं शिशुपाल पर्वत तक प्रतिदिन पर्यटक पहुंचते हैं। बरसात से लेकर अभी तक बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। जो लोग छुईपाली के रास्ते आते उनके लिए तो रास्ता फिलहाल ठीक है लेकिन पुजारीपाली से नवापारा तक की सड़क को डामरीकरण करने की नितांत आवश्यकता है।


























