पिथौरा :शिवलिंग का दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे 2 दंतैल मची अफरा-तफरी

पिथौरा के ग्राम किशनपुर में सोमवार को शिवलिंग का दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं में उस वक्त अफरा-तफरी मची जब दो दंतैल खेत में आ धमके। दोनों दंतैल को देख श्रद्धालु अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि दंतैल ने श्रद्धालुओं को कुछ नहीं किया और वे सीधे किशनपुर होते हुए बार नयापारा की ओर आगे बढ़ गए। दंतैल को आगे बढ़ता देख ग्रामीण व श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि ये दोनों दंतैल ओडिशा के है, जो सुबह किशनपुर पहुंचे थो।
पिथौरा वन परिक्षेत्र अधिकारी जयकांत गंडेचा ने बताया कि रात में ओडिशा के दो दंतैलाें ने छग में प्रवेश किया। पिथौरा के ग्राम किशनपुर होते हुए आगे बढ़े और वर्तमान में दोनों हाथी बार नयापारा की ओर चले गए हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम किशनपुर में शिवलिंग निकला है। इसकी जानकारी मिलने के बाद लोग दर्शन के लिए किशनपुर पहुंच रहे हैं। धीरे-धीरे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। 100 से अधिक लोग जिस समय दर्शन के लिए किशनपुर पहुंचे थे, उसी समय दंतैल भी वहां पहुंच गए।
हर सोमवार को किशनपुर गांव में लगता है आस्था का मेला
किशनपुर में लिंगराज बारिक के खेत में शिवलिंग निकलने के बाद यहां प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इस सोमवार भी लोग दर्शन-पूजन के लिए जुटे थे। श्रद्धालु शिवलिंग की पूजा अर्चना कर रहे थे, उसी समय दोनों हाथी आ धमके। हाथियों को देखकर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि दोनों हाथी ने जनहानि नहीं की, लेकिन फसल बर्बाद की है।
हाथियों की आमद पर विभाग ने इन गांवाें को किया अलर्ट
वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि दो हाथी के आने की सूचना मिलते ही किशनपुर लक्ष्मीपुर, रामपुर, माटीदरहा सहित सहित आसपास के गांव को अलर्ट कर दिया गया है। दंतैल ओडिशा से आए हैं, जो बार नयापारा की ओर गया है। दंतैल का विचरण क्षेत्र है, इसलिए रात में ज्यादातर ग्रामीणों को अंधेरे में जाने से मना किया गया है। विभाग लगातार हाथियों की मूमेंट पर नजर बनाए हुए है।

ओडिशा से हर साल पिथौरा के रास्ते छग में पहुंचते हैं दंतैल
पिथौरा क्षेत्र ओडिशा से लगा हुआ है। पाइकमाल ओडिशा पहाड़ी क्षेत्र है। यहां दंतैल आते-जाते रहते हैं। हर साल दंतैल रामपुर के रास्ते पिथौरा में प्रवेश करते हैं। दो दंतैल ओडिशा की ओर से रामपुर होते हुए किशनपुर पहुंचे थे। वन विभाग के अफसरों की मानें तो पाइकमाल सहित आसपास के पहाड़ी क्षेत्र में हाथियों का झुंड है। इसमें से एक दो हाथी जो हर साल छग में प्रवेश करते है।


























